अलवर में आशा सहयोगिनियों का ब्लैक डे, मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग तेज
राजस्थान के अलवर जिले में आशा सहयोगिनियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मानदेय बढ़ाने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर शुक्रवार को कंपनी बाग स्थित शहीद स्मारक पर आशा सहयोगिनियों ने काली पट्टी बांधकर ब्लैक डे मनाया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द मांगें पूरी करने की अपील की गई।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां शहीद स्मारक पर एकत्रित हुईं और हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
मानदेय बढ़ाने की मांग हुई मुखर
जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि आशा सहयोगिनियां पिछले एक महीने से लगातार आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिलने वाला करीब 4,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने “4 हजार में काम नहीं, 24 हजार से कम नहीं” जैसे नारे लगाकर सम्मानजनक और स्थायी मानदेय की मांग को प्रमुखता से उठाया।
राज्य कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आशा सहयोगिनियों से स्वास्थ्य विभाग के तहत अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभवाई जाती हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा, निश्चित मानदेय, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, भविष्य निधि (पीएफ) और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ लागू करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में वर्षों से कार्यरत आशा सहयोगिनियों को आर्थिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
दबाव बनाने के आरोप, समाधान की मांग
आशा सहयोगिनियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कुछ अधिकारियों की ओर से उन पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है और नौकरी से हटाने की चेतावनी भी दी जा रही है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने में न तो सरकार और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि उनकी समस्याएं सुनने पहुंचा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द वार्ता शुरू कर उनकी लंबित मांगों का समाधान निकालने की अपील की है।