अलवर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी, पोषण और टीकाकरण सेवाएं प्रभावित
राजस्थान के अलवर जिले में नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही, जिससे जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। इसके चलते बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
नियमितीकरण समेत कई मांगों को लेकर जारी आंदोलन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से नियमितीकरण और अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। प्रदर्शनकारी प्रतिदिन अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराते हुए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है, जिसके कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
केंद्रों पर ताले, पोषाहार खराब होने की आशंका
जिला अध्यक्ष ललतेंश शर्मा ने बताया कि हड़ताल के चलते कई आंगनबाड़ी केंद्र लगातार बंद पड़े हैं। केंद्रों में रखा पोषाहार उपयोग नहीं हो पा रहा है और उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि बंद केंद्रों में चूहों से भी पोषाहार को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों की बर्बादी हो रही है।
बच्चों और महिलाओं की जरूरी सेवाएं हुईं प्रभावित
हड़ताल का सबसे अधिक असर आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाली आवश्यक सेवाओं पर पड़ा है। बच्चों के टीकाकरण, पोषण कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की देखभाल सहित कई योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। इससे लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित व्यवस्था बाधित हो रही है।
महिला कांग्रेस ने दिया आंदोलन को समर्थन
आंदोलन के बीच महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमलेश सैनी मोती डूंगरी स्थित चिल्ड्रन पार्क पहुंचीं और प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की मांगें उचित हैं और सरकार को जल्द सकारात्मक पहल कर समाधान निकालना चाहिए। वहीं आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने भी चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।