बीकानेर रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेंट को झटका, 382 करोड़ की परियोजना पर ब्रेक
बीकानेर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए शुरू की गई 382 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी री-डेवलपमेंट परियोजना को बड़ा झटका लगा है। रेलवे ने निर्माण कार्य कर रही कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया है, जिसके कारण पिछले एक महीने से काम पूरी तरह बंद पड़ा है। हालांकि रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का दावा है कि जल्द नई टेंडर प्रक्रिया पूरी कर परियोजना को फिर से गति दी जाएगी।
तय समय पर काम नहीं करने पर ठेका रद्द
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि परियोजना का कार्य कर रही कंपनी निर्धारित गति से निर्माण नहीं कर रही थी। बार-बार निर्देशों के बावजूद काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर रेलवे ने कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद निर्माण कार्य बंद हो गया। अब रेलवे नई एजेंसी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुका है और जल्द कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अमृत भारत स्टेशन योजना की प्रमुख परियोजना
बीकानेर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य वर्ष 2025 में शुरू किया गया था। करीब 382 करोड़ रुपये की इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2023 में नौरंगदेसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया था। यह परियोजना अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य बीकानेर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री अनुभव से लैस करना है।
यात्रियों को मिलनी थीं आधुनिक सुविधाएं
री-डेवलपमेंट योजना के तहत स्टेशन भवन का पुनर्निर्माण किया जाना था। इसके अलावा आधुनिक सर्कुलेशन एरिया, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए विशेष क्षेत्र और यात्री सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित था। परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदलने की उम्मीद थी और यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थीं।
नई टेंडर प्रक्रिया से फिर शुरू होगा काम
रेलवे सूत्रों के अनुसार ठेका निरस्त होने के बाद नई निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा। रेलवे प्रशासन परियोजना में अधिक देरी नहीं चाहता और इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
कोटगेट और सांखला फाटक पर विरोध
इधर बीकानेर व्यापार एसोसिएशन ने कोटगेट और सांखला रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरयूबी और अंडरपास निर्माण का विरोध किया है। एसोसिएशन के सचिव उमेश मेंहदीरता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन सौंपकर कहा कि प्रस्तावित अंडरपास और अंडरब्रिज से शहरवासियों की समस्याएं और बढ़ेंगी।
बाईपास रेल लाइन निर्माण की मांग
व्यापार एसोसिएशन का कहना है कि सांखला फाटक पर दीवार निर्माण और कोटगेट पर केवल 4 मीटर चौड़े तथा 2.5 मीटर ऊंचे आरयूबी से यातायात प्रभावित होगा। संगठन ने इन परियोजनाओं को रद्द कर शहर के बाहर बाईपास रेल लाइन बनाने की मांग की है, जिससे रेलवे फाटकों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में उमेश मेंहदीरता, मांगीलाल झाबक, श्याम तंवर और शांति लाल कोचर शामिल रहे।