राजस्थान: ब्लैक स्पॉट पर सिस्टम की सुस्ती ने छीना हंसता-खेलता परिवार, अधूरे सड़क निर्माण में 3 जिंदगियां गईं
भीलवाड़ा के बीगोद क्षेत्र में शुक्रवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। नया गांव के पास कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में रूपाहेली निवासी भगवान बागरिया, उनकी पत्नी देऊ और बेटे रतन की जान चली गई। हादसे के बाद कार चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटनास्थल को पहले से हादसों के लिहाज से ब्लैक स्पॉट माना गया था। यहां फोरलेन निर्माण के लिए सड़क किनारे खुदाई का काम शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण अधूरा रहने से सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत
शुक्रवार शाम भगवान बागरिया अपनी पत्नी देऊ और बेटे रतन के साथ बाइक से बीगोद की ओर जा रहे थे। नया गांव के पास उनकी बाइक सामने से आ रही कार की चपेट में आ गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तीनों बाइक सवार उछलकर कार के शीशे से जा टकराए। गंभीर चोट लगने के कारण भगवान और देऊ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वहीं, गंभीर रूप से घायल रतन को अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक
दुर्घटना के बाद कार चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि घटनास्थल पर तेज आवाज सुनाई दी। हादसे में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त बाइक को कार की पिछली सीट पर रख दिया।
पुलिस अब फरार चालक की तलाश और हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
पहले से ब्लैक स्पॉट है हादसे वाली जगह
बीगोद क्षेत्र में पावनधाम के पास भीलवाड़ा सड़क मार्ग पर लगातार दुर्घटनाओं को देखते हुए इस स्थान को ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिन्हित किया गया था।
हादसों को कम करने के लिए यहां फोरलेन निर्माण का निर्णय लिया गया था। स्थानीय जानकारी के मुताबिक जून में सड़क के दोनों ओर खुदाई कर मिट्टी और गिट्टी हटाई गई थी।
लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। सड़क किनारे अधूरा काम और बिखरी निर्माण सामग्री के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
अधूरे निर्माण पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुधार और फोरलेन निर्माण का काम जल्द पूरा होना चाहिए था। उनका आरोप है कि काम शुरू करने के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया।
सड़क किनारे पड़ी गिट्टी और खुदाई के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। अब तीन लोगों की मौत के बाद निर्माण कार्य की गति और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, हादसे का वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। केवल अधूरे निर्माण को दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
रूपाहेली गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर रूपाहेली गांव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा है।
भगवान बागरिया, उनकी पत्नी देऊ और बेटे रतन की एक साथ मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। जिस घर में रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अचानक तीन सदस्यों की मौत से सन्नाटा छा गया।
ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम कब होंगे मजबूत?
इस हादसे ने एक बार फिर ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं तो वहां निर्माण और सुरक्षा संबंधी काम समय पर पूरा होना जरूरी है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पावनधाम के पास सड़क निर्माण को जल्द पूरा किया जाए। साथ ही अधूरी सड़क, निर्माण सामग्री और यातायात से जुड़े जोखिमों को तत्काल दूर किया जाए।
अब पुलिस जांच के साथ यह भी देखना अहम होगा कि हादसे की वजह क्या रही और ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एजेंसियों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।