संगरिया में पार्षदों को लेकर सियासी घमासान, पंजाब पहुंची पुलिस तो भड़की कांग्रेस; थाने के बाहर धरना
हनुमानगढ़ की संगरिया नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी खींचतान अब राजस्थान से पंजाब तक पहुंच गई है। पार्षद पिता-पुत्र के कथित अपहरण की एफआईआर की जांच के सिलसिले में संगरिया पुलिस की टीम पंजाब के पटियाला पहुंची। वहां कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया की मौजूदगी में पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। पिता-पुत्र ने पुलिस के सामने अपहरण से इनकार करते हुए अपनी मर्जी से वहां होने की बात कही। घटना की जानकारी संगरिया पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तड़के थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
अपहरण की एफआईआर के बाद पटियाला पहुंची पुलिस
मामला वार्ड 23 से नवनिर्वाचित पार्षद साहिल स्वामी और उनके पिता ओमप्रकाश स्वामी से जुड़ा है। साहिल के भाई अजय स्वामी की शिकायत पर दोनों के कथित अपहरण की एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
इसी शिकायत की जांच के लिए संगरिया थाने के एसआई हरबंसलाल और एएसआई रणवीर सिंह की टीम पंजाब पुलिस के साथ पटियाला पहुंची। पुलिस को दोनों के एक स्थान पर ठहरने की जानकारी मिली थी।
पुलिस के पहुंचते ही विधायक अभिमन्यु पूनिया से आमना-सामना
पुलिस टीम जब पार्षदों के ठहरने के स्थान पर पहुंची, तब वहां संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया भी मौजूद बताए गए। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद विधायक ने अधिकारियों से एफआईआर और कार्रवाई का आधार पूछा।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों और वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। विधायक ने पार्षदों को पुलिस के साथ भेजने पर भी आपत्ति जताई।
पूनिया ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई का वास्तविक आधार जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।
पिता-पुत्र ने कहा- अपहरण नहीं हुआ, अपनी मर्जी से आए
पुलिस के सामने साहिल स्वामी और उनके पिता ओमप्रकाश स्वामी ने कथित अपहरण के आरोपों से इनकार किया।
साहिल ने कहा कि वह अपनी इच्छा से पटियाला आए हैं। उन्होंने अपने साथ विधायक अभिमन्यु पूनिया और संजीव सोनी के मौजूद होने की बात कही।
वहीं ओमप्रकाश स्वामी ने भी पुलिस को बताया कि वह किसी दबाव में नहीं हैं और अपनी इच्छा से वहां मौजूद हैं। पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए हैं।
अब पुलिस के सामने शिकायत में लगाए गए आरोप और पिता-पुत्र के बयानों का मिलान करना महत्वपूर्ण होगा।
दो वोटों के दबाव का लगाया आरोप
साहिल स्वामी ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके पिता को नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में दो वोटों के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश का आरोप लगाया।
संगरिया नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्षदों की राजनीतिक लामबंदी चल रही है। ऐसे में दो पार्षदों से जुड़ी अपहरण की शिकायत ने चुनावी समीकरण को और संवेदनशील बना दिया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विधायक ने पुलिस अधिकारियों को दी कार्रवाई की चेतावनी
विधायक अभिमन्यु पूनिया ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्वाचित पार्षदों को अपनी इच्छा से रहने और राजनीतिक निर्णय लेने का अधिकार है। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के जरिए पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
विधायक ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक जनादेश से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
संगरिया थाने के बाहर तड़के शुरू हुआ कांग्रेस का धरना
पटियाला में हुए घटनाक्रम की जानकारी संगरिया पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के बाहर जुटने लगे। तड़के करीब 3 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संगरिया थाने का घेराव शुरू कर दिया।
कार्यकर्ता मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस आधी रात को पंजाब तक पहुंची, जबकि स्थानीय स्तर पर कई अन्य मामलों में कार्रवाई की गति अलग रही है।
कांग्रेस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गंभीर धाराओं में वांछित कुछ आरोपी लंबे समय से खुले घूम रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि ऐसे मामलों में कार्रवाई की गति और पार्षदों से जुड़े मामले में पंजाब पहुंचने की पुलिस कार्रवाई के बीच अंतर क्यों है।
ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस का पक्ष और जांच की आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव बना पूरे विवाद की पृष्ठभूमि
संगरिया नगरपालिका में कुल 35 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम के बाद अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
पार्षदों की लामबंदी और राजनीतिक संपर्कों के बीच साहिल और ओमप्रकाश स्वामी से जुड़ी अपहरण की एफआईआर सामने आई। इसके बाद पुलिस का पटियाला पहुंचना और वहां विधायक की मौजूदगी में विवाद ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया।
अब इस पूरे घटनाक्रम का असर अध्यक्ष पद के चुनाव पर भी पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी
विधायक अभिमन्यु पूनिया ने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस के जरिए निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई जारी रही तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
कांग्रेस नेता शबनम गोदारा ने भी सरकार पर पुलिस और सरकारी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनादेश के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेंगे।
इन राजनीतिक आरोपों पर सरकार और पुलिस का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
अब एफआईआर और बयानों की जांच पर नजर
इस पूरे मामले में अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर शिकायत में पिता-पुत्र के कथित अपहरण के आरोप हैं। दूसरी ओर दोनों ने पुलिस के सामने अपनी मर्जी से पटियाला में होने की बात कही है।
पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान, दोनों पार्षदों के बयान और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।
फिलहाल संगरिया नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव से पहले यह घटनाक्रम स्थानीय राजनीति में बड़ा विवाद बन गया है।