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बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती: 15 करोड़ की लूट में इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश, बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई करीब 15 करोड़ रुपये की बड़ी डकैती में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को बैंक की आंतरिक व्यवस्था और मैनेजर तक की व्यक्तिगत जानकारी पहले से थी। मामले में बिहार के औरंगाबाद से दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब इस इंटरस्टेट गैंग की परतें खुलने लगी हैं।

20 मिनट में अंजाम दी गई सुनियोजित वारदात

सिंगरौली स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में शुक्रवार को दिनदहाड़े पांच हथियारबंद बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से डकैती को अंजाम दिया। महज 20 मिनट के भीतर बदमाशों ने बैंक में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर करीब 15 करोड़ रुपये का सोना और नकदी लूट ली। घटना के दौरान बदमाशों ने हथियारों के दम पर पूरे बैंक को अपने कब्जे में ले लिया और बिना किसी बाधा के फरार हो गए। इस तेज और सटीक कार्रवाई से साफ है कि वारदात पूरी तैयारी और योजना के साथ की गई थी।

बैंक और मैनेजर की पूरी जानकारी से बढ़ा शक

जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि लुटेरों को बैंक के अंदरूनी सिस्टम और लॉकर व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इतना ही नहीं, बदमाशों को बैंक की महिला मैनेजर की निजी जानकारी, यहां तक कि उनका गृह राज्य भी पता था। वारदात के दौरान एक आरोपी ने मैनेजर को धमकाते हुए कहा कि वह उसके घर तक पहुंच सकता है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि अपराधियों को अंदरूनी सूचना मिली थी या पहले से रेकी की गई थी, जिससे इस घटना को अंजाम देना उनके लिए आसान हुआ।

बिहार कनेक्शन और इंटरस्टेट गैंग की पुष्टि

इस हाई-प्रोफाइल डकैती में अब इंटरस्टेट गैंग की भूमिका स्पष्ट होती जा रही है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ और बिहार पुलिस के सहयोग से बिहार के औरंगाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए हैं और संगठित तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं। एक अन्य आरोपी के झारखंड में छिपे होने की सूचना है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गैंग लीडर के इशारों पर चला पूरा ऑपरेशन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डकैती के दौरान बदमाशों का एक छोटा कद का सदस्य पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहा था। बाकी चार आरोपी उसके निर्देशों का पालन कर रहे थे। सभी आपस में बिहारी लहजे में बातचीत कर रहे थे, जिससे उनके क्षेत्रीय कनेक्शन का अंदाजा लगा। एक आरोपी ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहे। यह पूरी घटना दर्शाती है कि गैंग प्रोफेशनल तरीके से काम करता है और हर सदस्य की भूमिका पहले से तय होती है।

पुलिस की सख्ती, डीजीपी तक ने संभाली कमान

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर पर उच्च अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। मंत्री, विधायक और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रदेश के डीजीपी ने खुद इस मामले की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।

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