सिंधु जल संधि पर फिर भड़के असीम मुनीर, पानी के मुद्दे पर ‘सभी विकल्प खुले’ बताए, भारत और अफगानिस्तान पर लगाए आरोप
सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कहा है कि देश के हिस्से के पानी की सुरक्षा के लिए सेना सभी विकल्पों पर विचार करने को तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमलों के लिए भारत पर आरोप लगाए और अफगानिस्तान से भी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। भारत की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कोर कमांडर्स सम्मेलन मे पानी के मुद्दे पर सख्त संदेश
पाकिस्तानी सेना की 276वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में सिंधु जल संधि को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने की। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान अपने हिस्से के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। सेना ने इसे राष्ट्रीय हित और जनता की जरूरतों से जुड़ा विषय बताया। पाकिस्तान का कहना है कि जल संसाधनों से जुड़े उसके अधिकारों की रक्षा हर हाल में की जाएगी।
सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ा तनाव
पाकिस्तान लगातार सिंधु जल संधि को लेकर चिंता जता रहा है। इस्लामाबाद का मानना है कि यदि संधि के प्रावधानों के तहत मिलने वाले जल प्रवाह में कोई बड़ा बदलाव होता है तो इसका असर सिंचाई, कृषि और पेयजल व्यवस्था पर पड़ सकता है। पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व ने दोहराया कि पानी के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सिंधु जल संधि से जुड़े किसी भी बदलाव या उसके प्रभाव को लेकर दोनों देशों के आधिकारिक रुख और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारत पर आतंकवाद को लेकर लगाए नए आरोप
जनरल असीम मुनीर ने अपने बयान में पाकिस्तान के भीतर हो रहे आतंकी हमलों के लिए एक बार फिर भारत पर आरोप लगाए। उनका दावा है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीटीपी और अन्य सशस्त्र समूहों को बाहरी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया है। भारत पहले भी ऐसे आरोपों को निराधार और खारिज कर चुका है तथा सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर सवाल उठाता रहा है।
अफगानिस्तान से भी उठाई सख्त मांग
पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार से मांग की कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी सशस्त्र समूहों द्वारा नहीं होने दिया जाए। बयान में कहा गया कि यदि सीमा पार से आतंकी गतिविधियां जारी रहती हैं तो पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। साथ ही सेना ने बताया कि आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत खुफिया सूचनाओं पर आधारित ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। अफगानिस्तान की ओर से इस ताजा बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों में फिर बढ़ सकती है तल्खी
सिंधु जल संधि और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान के ताजा बयान ऐसे समय आए हैं जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और जल संसाधनों जैसे मुद्दे लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों में विवाद का कारण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक बयानों से राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है, लेकिन किसी भी विवाद का स्थायी समाधान संवाद, कूटनीतिक प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के दायरे में ही संभव है।