#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

राहुल-प्रियंका पर FIR के बाद अशोक गहलोत का हमला, बोले- ‘वे कुछ भी कर सकते हैं’

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखकर सवाल उठता है कि भारत में लोकतंत्र किस दिशा में जा रहा है।दिल्ली पुलिस ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इससे पहले INDIA ब्लॉक के करीब 300 सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए थे।

गहलोत बोले- ‘वे कुछ भी कर सकते हैं’

अशोक गहलोत ने FIR को लेकर कहा कि मौजूदा सरकार और प्रशासन की ओर से ऐसी कार्रवाई अब अप्रत्याशित नहीं लगती। उन्होंने कहा कि “वे कुछ भी कर सकते हैं।”गहलोत ने कहा कि जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे विपक्ष के प्रमुख नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है, तो देश की स्थिति को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ कथित पुलिस व्यवहार का भी मुद्दा उठाया।गहलोत ने इसे केवल कांग्रेस का मामला नहीं बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए। उनके बयान राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आए हैं।

FIR किस मामले में दर्ज हुई?

दिल्ली पुलिस के अनुसार राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ FIR आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने को लेकर दर्ज की गई है।INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर मार्च रोक दिया। इसके बाद कई विपक्षी सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।पुलिस के मुताबिक बाद में कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में चले गए और वहां धरना जारी रखा। पुलिस ने परिसर खाली करने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।

चुनाव आयोग से मिलने की मांग को लेकर था प्रदर्शन

विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर था।कांग्रेस और विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगने की बात कही है। दूसरी ओर चुनाव आयोग ने कहा है कि उसे किसी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।यानी इस पूरे विवाद में विपक्ष के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष दोनों अलग-अलग हैं। अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और संस्थागत प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

चीन, रूस और उत्तर कोरिया का उदाहरण क्यों दिया?

गहलोत ने अपने बयान में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत भी चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसी शासन व्यवस्थाओं की दिशा में बढ़ सकता है।यह गहलोत की राजनीतिक टिप्पणी है। इसे किसी स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी चिंता और असहमति जाहिर की।

मोदी-शाह की चुप्पी पर भी सवाल

गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया नहीं आने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि ऐसे गंभीर राजनीतिक घटनाक्रम में शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया सामने आनी चाहिए।गहलोत ने कहा कि देशभर में विपक्ष की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

दिल्ली प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई, विपक्ष के आरोप और चुनाव आयोग के पक्ष पर अब राजनीतिक बहस जारी है।फिलहाल FIR दर्ज हो चुकी है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। वहीं कांग्रेस इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *