आलिया भट्ट की ‘अल्फा’ पर दिव्या खोसला के तंज का दावा भ्रामक, वायरल पोस्ट की सच्चाई आई सामने
सोशल मीडिया पर एक इंस्टाग्राम स्टोरी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री दिव्या खोसला ने आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन और थिएटर ऑक्यूपेंसी पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह दावा भ्रामक है। जांच में सामने आया है कि वायरल पोस्ट हालिया नहीं, बल्कि 2024 के पुराने विवाद से जुड़ी सामग्री को एडिट कर तैयार की गई है।
वायरल पोस्ट में क्या किया जा रहा है दावा?
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही कथित इंस्टाग्राम स्टोरी में दावा किया गया है कि दिव्या खोसला ने मुंबई के एक मल्टीप्लेक्स में अल्फा देखने के दौरान थिएटर खाली होने की बात कही और फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सवाल उठाए। पोस्ट में यह भी लिखा गया कि टिकट खुद खरीदकर फर्जी कलेक्शन दिखाए जा रहे हैं। इस कंटेंट को ऐसे साझा किया जा रहा है, मानो यह दिव्या खोसला की हालिया प्रतिक्रिया हो, लेकिन इसकी पुष्टि किसी आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है।
पुराने विवाद को नए नाम के साथ किया गया वायरल
उपलब्ध तथ्यों के अनुसार वायरल पोस्ट का संबंध वर्ष 2024 में दिव्या खोसला और आलिया भट्ट की फिल्म जिगरा को लेकर हुए विवाद से है। उस समय दिव्या खोसला ने जिगरा की कहानी और उसके बॉक्स ऑफिस आंकड़ों को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी की थी। अब उसी पुराने पोस्ट में कथित तौर पर जिगरा की जगह अल्फा का नाम जोड़कर उसे नया रूप दिया गया है और हालिया पोस्ट बताकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
AI एडिटिंग के संकेत भी आए सामने
वायरल हो रही स्टोरी में कई ऐसे संकेत दिखाई देते हैं, जिनसे उसके संपादित या कृत्रिम रूप से तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। उदाहरण के तौर पर, पोस्ट में दिखाई गई प्रोफाइल फोटो दिव्या खोसला की मौजूदा आधिकारिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल से मेल नहीं खाती। इसी आधार पर कई फैक्ट-चेक करने वाले यूजर्स और सोशल मीडिया विश्लेषकों ने इसे एडिटेड कंटेंट बताया है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक तकनीकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
दिव्या खोसला ने नहीं दी कोई नई प्रतिक्रिया
अब तक दिव्या खोसला की ओर से अल्फा फिल्म को लेकर कोई नया सार्वजनिक बयान या इंस्टाग्राम पोस्ट सामने नहीं आया है। न ही उन्होंने वायरल हो रही इस कथित स्टोरी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस दावे को सत्य मानने से पहले आधिकारिक स्रोतों और प्रमाणित जानकारी का इंतजार करना उचित होगा।
AI के दौर में बढ़ रही फर्जी कंटेंट की चुनौती
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और एडिटिंग टूल्स की मदद से पुराने कंटेंट को बदलकर नए संदर्भ में वायरल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी वायरल पोस्ट या स्क्रीनशॉट पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत, तारीख और आधिकारिक पुष्टि की जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि भ्रामक जानकारी के प्रसार से बचा जा सके।