अलवर के पेंशनर भवन में कथित अनैतिक गतिविधियों का खुलासा, चपरासी गिरफ्तार
अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्कीम नंबर-10 के पेंशनर भवन में कथित अनैतिक गतिविधियों के संचालन का मामला सामने आने के बाद देर रात हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना पर सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भवन के चपरासी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पेंशनर भवन में मचा हड़कंप, पुलिस पहुंची मौके पर
बताया जा रहा है कि पेंशनर भवन में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। बुधवार देर रात कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को इस संबंध में सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियों से जुड़े कुछ तथ्य सामने आए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और प्रारंभिक जांच शुरू की।
चपरासी पर कमरे उपलब्ध कराने का आरोप
मामले में गिरफ्तार किए गए चपरासी रामचंद्र पर आरोप है कि वह भवन के कमरों को पैसे लेकर लोगों को उपलब्ध कराता था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि भवन का दुरुपयोग किया जा रहा था और इसी के चलते कई दिनों से स्थानीय स्तर पर असंतोष बना हुआ था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
संस्था प्रबंधन ने जताई अनभिज्ञता
पेंशनर भवन संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी। संस्था का कहना है कि यह भवन वरिष्ठ नागरिकों की गतिविधियों और बैठकों के लिए उपयोग में लाया जाता है तथा इसके नाम पर इस तरह के आरोप सामने आना बेहद चिंताजनक है। संस्था प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि मामले की आंतरिक समीक्षा की जाएगी और यदि कर्मचारी की भूमिका साबित होती है तो उसके खिलाफ संस्थागत स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक संगठनों ने उठाए सवाल
मामले के सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि सार्वजनिक और सामाजिक उपयोग के भवनों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है। वीडियो में भवन परिसर के अंदर कुछ लोगों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की सत्यता की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।