राजीविका महिला समिति में अनियमितताओं के आरोप, महिलाओं ने जिला कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
कार्यकारिणी गठन को लेकर महिलाओं ने उठाए सवाल
अलवर जिले के राजगढ़ ब्लॉक स्थित नव ज्योति राजीविका महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समिति लिमिटेड, श्रीचंदपुरा से जुड़ी महिलाओं ने समिति के संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि समिति के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और कई महत्वपूर्ण निर्णय नियमों की अनदेखी कर लिए जा रहे हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और महिलाओं के हितों की रक्षा की मांग की है।
विशेष आमसभा की सूचना नहीं देने का आरोप
महिला प्रतिनिधि मंजू ने बताया कि समिति से लगभग 20 गांवों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उनके अनुसार 13 अक्टूबर 2025 को सभी गांवों की सहमति से कार्यकारिणी का गठन किया गया था, लेकिन 26 फरवरी 2026 को आयोजित विशेष आमसभा की सूचना अधिकांश महिला सदस्यों और संबंधित कर्मचारियों तक नहीं पहुंचाई गई। इसके बावजूद नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया। महिलाओं का कहना है कि यह प्रक्रिया नियमों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। इस मामले की शिकायत पहले ही उप रजिस्ट्रार को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
जांच प्रक्रिया पर भी जताया अविश्वास
महिलाओं ने 12 मई 2026 को हुई जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई और शिकायतों की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की दोबारा स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। महिलाओं का आरोप है कि समिति के संचालन से जुड़े कई मुद्दों को दबाने का प्रयास किया गया और शिकायतकर्ताओं की बात को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
स्टाफ पर मनमानी और दुर्व्यवहार के आरोप
ज्ञापन में ब्लॉक स्तर के कुछ कर्मचारियों पर मनमानी करने और महिला सदस्यों के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। महिलाओं का कहना है कि समिति के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि बैठकों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं किया जाता और कई फैसले बिना व्यापक सहमति के लिए जाते हैं। इससे समिति की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बैंक ऋण में बाधा डालने का भी आरोप
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान पदाधिकारी स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले बैंक ऋण और वित्तीय सहायता में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि राजीविका योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, लेकिन मौजूदा हालात में कई समूहों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि वित्तीय मामलों की भी जांच कराई जाए।
पारदर्शी आमसभा और न्याय की मांग
ज्ञापन के माध्यम से महिलाओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सभी सदस्य महिलाओं की मौजूदगी में सामूहिक आमसभा आयोजित कराई जाए और समिति से जुड़े सभी विवादों का समाधान नियमों के अनुरूप किया जाए। महिलाओं का कहना है कि वे केवल निष्पक्ष जांच और न्याय चाहती हैं, ताकि समिति का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके और सभी महिला सदस्यों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।