‘एक दो तीन’ से दिल जीतने वाली अलका याग्निक और दिग्गज अभिनेता ममूटी को मिला पद्म भूषण
भारतीय संगीत और सिनेमा जगत की दो बड़ी हस्तियों—प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक और मलयालम सुपरस्टार ममूटी—को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित सिविल इन्वेस्टिचर समारोह में देश की 65 विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रपति भवन में हुआ सम्मान समारोह
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘सिविल इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2’ के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर कला, साहित्य, विज्ञान, खेल और सामाजिक क्षेत्र की 65 हस्तियों को सम्मानित किया गया। मनोरंजन जगत से कई प्रमुख नामों को इस सूची में जगह मिली, जिनमें मशहूर गायिका अलका याग्निक और मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को पद्म भूषण से नवाजा गया। दोनों कलाकारों के दशकों लंबे योगदान को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक के जरिए मान्यता दी गई।
अलका याग्निक की आवाज ने कई पीढ़ियों को किया प्रभावित
भारतीय फिल्म संगीत में अपनी मधुर आवाज से अलग पहचान बनाने वाली अलका याग्निक ने हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए हैं। कोलकाता में जन्मीं अलका ने कम उम्र में ही गायन की दुनिया में कदम रखा और फिल्म ‘तेजाब’ के लोकप्रिय गीत ‘एक दो तीन’ से उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘धड़कन’, ‘हम तुम’, ‘हम हैं राही प्यार के’ और ‘खलनायक’ जैसी फिल्मों में कई यादगार गीत गाकर श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई।
अनेक पुरस्कारों से पहले ही सम्मानित हो चुकी हैं अलका
अपने लंबे करियर में अलका याग्निक को कई बार फिल्मफेयर पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। उन्होंने देश के नामी संगीतकारों और गायकों के साथ काम करते हुए बॉलीवुड संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी आवाज़ ने 1980 और 1990 के दशक से लेकर नई पीढ़ी तक के श्रोताओं को प्रभावित किया है। पद्म भूषण के रूप में मिला यह सम्मान भारतीय संगीत जगत में उनके अमूल्य योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान माना जा रहा है।
पांच दशक के शानदार सफर के लिए सम्मानित हुए ममूटी
मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी को भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम करते हुए कई यादगार किरदार निभाए हैं। मलयालम के अलावा उन्होंने अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया है। फिल्मों के साथ-साथ ममूटी सामाजिक और परोपकारी कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी जाने जाते हैं।
पद्म भूषण को बताया सबसे बड़ा सम्मान
सम्मान मिलने पर ममूटी ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे अपने लंबे फिल्मी करियर का सबसे बड़ा सम्मान बताया। इससे पहले जनवरी में जब उनके नाम की घोषणा हुई थी, तब भी उन्होंने इसे अपने प्रशंसकों और फिल्म उद्योग के लिए गर्व का क्षण बताया था। पद्म भूषण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय सिनेमा और कला जगत में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर कितना महत्व दिया जाता है।