#क्राइम #पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

सरकारी जमीन को निजी बताकर 8 लाख की ठगी का आरोप, रामगढ़ प्रधान के बेटे समेत कई पर केस दर्ज

अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में सरकारी भूमि को निजी संपत्ति बताकर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली के एक रियल एस्टेट कारोबारी की शिकायत पर बगड़ तिराहा थाना पुलिस ने रामगढ़ पंचायत समिति के प्रधान के बेटे महबूब खान सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, सरकारी अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में जांच शुरू कर दी है।

निजी जमीन बताकर कराया गया सौदा

थानाधिकारी विनोद सामरिया ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि महबूब खान और उसके सहयोगियों ने गांव बगड़ राजपूत स्थित खसरा संख्या 1789 की भूमि को अपनी निजी संपत्ति बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया। आरोपी पक्ष ने दावा किया कि लगभग 24.5 बीघा भूमि मुख्य सड़क से सीधे जुड़ी हुई है और पूरी जमीन उनके स्वामित्व में है। इसी भरोसे पर भूमि खरीद का सौदा तय किया गया।

जांच में सामने आया सरकारी भूमि का मामला

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि जिस भूमि को मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ बताकर सौदे का हिस्सा बनाया गया था, उसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि है। आरोप है कि इस तथ्य को जानबूझकर छिपाया गया और सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर खरीददार को गुमराह किया गया। पुलिस अब राजस्व रिकॉर्ड और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

बयाने के रूप में लिए गए 8 लाख रुपये

शिकायत के अनुसार 10 मार्च 2026 को आरोपी पक्ष ने भूमि सौदे के लिए बयाने के रूप में 8 लाख रुपये नकद प्राप्त किए। बाद में जब शिकायतकर्ता को भूमि के वास्तविक स्वामित्व और सरकारी जमीन की जानकारी मिली तो उसने आपत्ति जताई। आरोप है कि पैसे वापस मांगने और विरोध करने पर उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।

धमकी देने का भी आरोप

पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मामले का विरोध करने पर आरोपी पक्ष ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

राजस्व अभिलेखों की हो रही जांच

पुलिस का कहना है कि भूमि से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, खसरा विवरण, स्वामित्व दस्तावेज और अन्य सरकारी अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *