राजस्थान में OBC सर्वे की बढ़ी अवधि, 26 जुलाई होगी अंतिम तारीख
पंचायत और निकाय चुनाव से पहले आयोग का बड़ा फैसला
राजस्थान में आगामी पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों को देखते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण के लिए चल रहे सर्वे कार्य की अवधि बढ़ा दी गई है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सर्वे पूरा करने की अंतिम तारीख 26 जुलाई 2026 तय की है। इससे पहले सर्वे पूरा करने की समय सीमा 23 जुलाई निर्धारित थी, लेकिन कई जिलों में काम बाकी रहने के कारण आयोग ने तीन दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद किसी भी तरह की समय वृद्धि नहीं की जाएगी।
कई जिलों में सर्वे बाकी रहने के कारण बढ़ाई गई अवधि
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव (सलाहकार) अशोक कुमार जैन ने बताया कि 23 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में सामने आया कि प्रदेश के कई जिलों में OBC परिवारों का सर्वे कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए सर्वे की अंतिम तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे 26 जुलाई तक हर हाल में सर्वे प्रक्रिया पूरी करवाएं, ताकि आयोग तय समय पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सके।
राजधारा एप के जरिए किया जा रहा है परिवारों का सर्वे
ओबीसी परिवारों का सर्वे राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से राजधारा सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से कराया जा रहा है। इस सर्वे में जुटाए गए आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद आयोग पंचायतीराज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में OBC आरक्षण को लेकर अपनी सिफारिश तैयार करेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे आरक्षण की प्रक्रिया तय करेगी। आयोग ने अधिकारियों को सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
अब तक 53 लाख से ज्यादा परिवारों का सर्वे पूरा
सर्वे की ताजा स्थिति के अनुसार 23 जुलाई तक प्रदेश में कुल 75,97,312 OBC परिवारों में से 53,07,801 परिवारों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 43,45,888 और शहरी क्षेत्रों के 9,61,913 परिवार शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक करीब 69.86 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा हुआ है। बाड़मेर और सलूंबर जिलों में सर्वे की गति सबसे तेज रही, जबकि कोटा और बारां जिलों में कार्य अपेक्षाकृत धीमा रहा है।
5 अगस्त तक सरकार को सौंपी जाएगी आयोग की रिपोर्ट
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को 5 अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है। इस रिपोर्ट के आधार पर पंचायतीराज संस्थाओं में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर तथा नगर निकायों में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका की OBC आरक्षित सीटें तय की जाएंगी। इसके बाद आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
चुनावी प्रक्रिया के लिए अहम होगी OBC रिपोर्ट
राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले OBC आरक्षण का निर्धारण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जा रही है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितनी सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होंगी। ऐसे में सरकार और प्रशासन की नजर अब सर्वे कार्य को समय पर पूरा कराने और आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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