अभिजीत दिपके बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले नहीं होगी समझौते की बात, आंदोलन रहेगा जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने सरकार के साथ संभावित बातचीत पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संवाद के लिए तैयार है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगी। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत भी किया।
‘पहले इस्तीफा, फिर आगे होगी बातचीत’
अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनके अनुसार, यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग को लेकर चल रहा है और इसमें किसी तरह का समझौता फिलहाल संभव नहीं है।
बैठक की तैयारी, लेकिन रुख कायम
दिपके ने बताया कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित बैठक के लिए एक निष्पक्ष स्थान तय करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत तभी सार्थक होगी, जब सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुने और उन पर ठोस चर्चा करे। उनका कहना है कि केवल औपचारिक बैठक से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि निर्णयात्मक पहल जरूरी होगी।
सोनम वांगचुक के फैसले का किया स्वागत
अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन बाद भूख हड़ताल समाप्त करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक अनशन करना किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। दिपके के अनुसार, आंदोलन अपनी जगह है, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व करने वाले लोगों का स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का जीवन देश के लिए मूल्यवान है और उनका स्वस्थ रहना जरूरी है।
जंतर-मंतर पर जारी रहेगा प्रदर्शन
दिपके ने दोहराया कि जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी बात लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि बातचीत के जरिए सकारात्मक समाधान निकलेगा।