सावन के पहले सोमवार पर त्रिपोलिया महादेव में उमड़ा जनसैलाब, भोलेनाथ के दूल्हा स्वरूप के होंगे दर्शन
अलवर। सावन के पहले सोमवार पर ऐतिहासिक त्रिपोलिया महादेव मंदिर में सोमवार सुबह से ही शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रातः 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही गंगाजल से अभिषेक और प्रथम आरती हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचे। त्रिपोलेश्वर महादेव मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना एक प्राचीन शिवालय है जो अलवर की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। यहा मंदिर में स्थापना काल से प्रज्वलित अखंड ज्योत, व्यापारी समाज की परंपरा और पंचायतन स्वरूप इसे प्रमुख शिवालयों में माना जाता है ।
मान्यता है कि बाबा त्रिपोलेश्वर महादेव के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। सराफा बाजार, मालाखेड़ा बाजार सहित शहर के 74 व्यापारिक क्षेत्रों के व्यापारी आज भी दुकान खोलने से पहले मंदिर के गौमुख से जल लेकर शुभारंभ करते हैं। मंदिर परिसर में स्थित चलुंदी का जल श्रद्धालु नजर दोष दूर करने के लिए अपने साथ ले जाते हैं।
सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है। शाम को भगवान भोलेनाथ के दूल्हा स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मंदिर महंत जितेंद्र खेड़ापति ने बताया कि सुबह 4 बजे प्रथम आरती के बाद 6 बजे दूसरी आरती में विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जबकि संध्या आरती में तीसरा दिव्य रूप दर्शन होगा। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक दूल्हा स्वरूप की झांकी सजाई जाएगी और रात्रि 11:15 बजे दूधाभिषेक के बाद शयन आरती संपन्न होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस, यातायात पुलिस, महिला पुलिसकर्मी, निजी सुरक्षा गार्ड और मंदिर सेवादार तैनात किए गए हैं। साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में नगर निगम का भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही सावन माह के रुद्राभिषेक की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है, जबकि विशेष महारुद्राभिषेक की घोषणा जल्द की जाएगी।