दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण: आत्मनिर्भरता की ओर बड़ी पहल, अरावली संरक्षण पर सख्त रुख बोले वन मंत्री संजय शर्मा
अलवर शहर के प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री संजय शर्मा ने दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत सहारा दिया। मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना और विधायक कोटे के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को स्कूटियां सौंपी गईं। चाबियां हाथ में आते ही दिव्यांगों के चेहरों पर झलकती खुशी इस बात की गवाह बनी कि यह केवल वाहन नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास से भरे नए जीवन की शुरुआत है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना का उद्देश्य उनकी आवाजाही को आसान बनाना, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बढ़ाना और उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति केवल शारीरिक अक्षमता के कारण पीछे न रह जाए।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहभागिता का भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिला। मालवीय नगर क्षेत्र की महिलाओं ने मंच पर गीत प्रस्तुत कर लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या के समाधान के लिए मंत्री का आभार जताया। महिलाओं के इस आत्मीय स्वागत ने कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया।
अरावली संरक्षण के मुद्दे पर वन मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले खुलेआम खनन से अरावली को गंभीर नुकसान पहुंचा, जबकि वर्तमान सरकार पर्यावरण बचाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरावली क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीकर में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों पर की गई फटकार को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री शर्मा ने कहा कि शिविर में अव्यवस्थाएं देखने के बाद उन्होंने अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा का “ज्ञान” दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री होने के नाते योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत जानना जरूरी है और भविष्य में भी जहां आवश्यकता होगी, औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों और स्थानीय लोगों ने सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें समाज के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं। दिव्यांगों को मिली स्कूटियों ने न केवल उनके जीवन में नई रफ्तार भरी, बल्कि सरकार की संवेदनशील और जनहितैषी सोच का सशक्त संदेश भी दिया।