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अरावली बचाओ आंदोलन: 27 दिसंबर से बड़े जन जागरण अभियान का ऐलान, टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अलवर।

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अरावली बचाओ आंदोलन के तहत 27 दिसंबर से बड़े पैमाने पर जन जागरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा, जितेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सचिन पायलट सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को आमंत्रित किया है।

अलवर में लिवरी तिराहे पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जूली ने आरोप लगाया कि अरावली पहाड़ियों में एक ओर संरक्षण की बात की जा रही है, जबकि दूसरी ओर बड़े स्तर पर अवैध खनन जारी है। उन्होंने कहा कि अरावली क्षेत्र में भरतरी जी धाम, पांडुपोल हनुमानजी सहित अनेक धार्मिक स्थल स्थित हैं और यदि अरावली की परिभाषा बदली गई तो इन धरोहरों पर संकट खड़ा हो जाएगा।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के बयान को “जनता को भ्रमित करने वाला” बताते हुए कहा कि प्रस्तावित बदलावों से केवल एक प्रतिशत अरावली ही सुरक्षित बचेगी और 90 प्रतिशत से ज्यादा पहाड़ियां अवैध खनन की जद में आ जाएंगी। जूली ने आरोप लगाया कि लालच में अरावली का सौदा किया जा रहा है और उद्योगपतियों के हित साधे जा रहे हैं। उनका दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 20 से अधिक खनन लीज जारी की गई हैं।

गहलोत सरकार के समय अवैध खनन के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पहले भी खनन होता था, लेकिन उनकी सरकार ने कार्रवाई अधिक की और राजस्व भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कई पहाड़ियां अरावली की परिभाषा में नहीं आतीं और वहां नियमों के अनुसार पट्टे जारी किए गए होंगे।

क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) के संदर्भ में जूली ने आरोप लगाया कि इसके दायरे में बदलाव उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में रजिस्ट्री और आर्थिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी।

उन्होंने मांग की कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव अपनी स्थिति स्पष्ट करें और अरावली संरक्षण के मुद्दे पर खुलकर सामने आएं।

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