साइक्लोन ‘दितवाह’ का खतरा: पुडुचेरी और तटीय राज्यों में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद, NDRF तैनात…
चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुडुचेरी और आसपास के तटीय इलाकों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है।
1️⃣ स्कूल-कॉलेज बंद करने का आदेश
पुडुचेरी के सभी चार क्षेत्रों में शिक्षा संस्थान बंद
पुडुचेरी के होम और शिक्षा मंत्री ए. नमासिवायम ने साइक्लोन ‘दितवाह’ के खतरे को देखते हुए बड़े आदेश जारी किए। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और येनम के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
2️⃣ पांडिचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने परीक्षाएं स्थगित की
मौसम की गंभीर स्थिति के चलते नई परीक्षा तिथियां तय होंगी
यूनिवर्सिटी ने शनिवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। रजिस्ट्रार ने बताया कि यह फैसला कोस्ट गार्ड की भारी बारिश और तूफान के नजदीक आने की चेतावनी के बाद लिया गया। नई तिथियां जल्द ही घोषित की जाएंगी।
3️⃣ प्रशासन हाई अलर्ट पर
उपराज्यपाल की आपात बैठक और सभी विभागों को निर्देश
पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने शुक्रवार को इमरजेंसी बैठक की। इसमें सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
4️⃣ मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
अगले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 और 30 नवंबर के लिए पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग ने भारी वर्षा और संभावित बाढ़ की चेतावनी दी है।
5️⃣ NDRF टीमों की तैनाती
अरक्कोनम से पहुंची टीमें पुडुचेरी और कराईकल में राहत कार्य में जुटीं
अधिकारियों ने बताया कि NDRF की टीमें अरक्कोनम (तमिलनाडु) से पहुंच चुकी हैं। इन्हें पुडुचेरी और कराईकल के तटीय संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है।
6️⃣ खतरे और तैयारी पर प्रशासन का विश्लेषण
समय पर चेतावनी और राहत उपायों से बचाव में मदद
साइक्लोन ‘दितवाह’ के बढ़ते खतरे के बीच प्रशासन का समय पर हाई अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद करना और NDRF तैनाती यह सुनिश्चित करता है कि लोगों की सुरक्षा पहले प्राथमिकता बनी रहे। इससे संभावित जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।