चूरू आश्रम में साधु की हत्या: वारदात से एक रात पहले आया था मोनी बाबा, सुबह से फरार; पुलिस तलाश में जुटी
चूरू: राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर क्षेत्र स्थित दुर्गादास आश्रम में 67 वर्षीय साधु छेदीलाल उर्फ बाबा सीतारामदास की हत्या का मामला सामने आया है। आश्रम के महंत बाबा पूर्णदास की शिकायत पर पुलिस ने हरियाणा निवासी सुरेंद्र उर्फ सुमिरणदास उर्फ मोनी बाबा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोनी बाबा 28 अक्टूबर की रात आश्रम में रुका था। अगले दिन सुबह वह वहां से चला गया और कुछ देर बाद साधु का शव मिला। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
नवा की रोही स्थित दुर्गादास आश्रम में मिला साधु का शव
मामला सादुलपुर तहसील के गांव नवा की रोही स्थित दुर्गादास आश्रम का है। यहां रहने वाले साधु छेदीलाल (67) उर्फ बाबा सीतारामदास की हत्या की सूचना 29 अक्टूबर की सुबह सामने आई। आश्रम के महंत बाबा पूर्णदास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि छेदीलाल जनवरी 2026 से आश्रम में रहकर उसकी देखभाल कर रहे थे।मृतक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के निवासी बताए गए हैं। उन्हें आश्रम में बाबा सीतारामदास के नाम से भी जाना जाता था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
बचपन से संन्यास जीवन अपना चुके हैं महंत पूर्णदास
महंत बाबा पूर्णदास (43) ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने बचपन से ही संन्यास जीवन अपना लिया था। वह गुरु बाबा दुर्गादास के शिष्य हैं। वर्ष 2018 में ग्रामीणों के सहयोग से गांव नवा की रोही में गुरु के नाम पर आश्रम बनवाया गया था।इसके बाद से वह आश्रम की देखरेख करते आ रहे हैं। जनवरी 2026 से छेदीलाल भी वहां रहकर आश्रम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शिकायत के मुताबिक, हरियाणा के गोकुलपुरा निवासी सुरेंद्र उर्फ सुमिरणदास उर्फ मोनी बाबा का भी आश्रम में आना-जाना था।
28 अक्टूबर की रात आश्रम में रुका था मोनी बाबा
दर्ज शिकायत में गांव नवा निवासी अजय कुमार उर्फ राजेश के बयान का उल्लेख किया गया है। अजय के अनुसार, मोनी बाबा 28 अक्टूबर को आश्रम आया था और रात वहीं रुका था। उसने बताया कि 29 अक्टूबर की सुबह करीब 8 बजे वह आश्रम पहुंचा और दोनों साधुओं को चाय पिलाकर चला गया।इसके बाद सुबह करीब 11 बजे अजय ने महंत पूर्णदास को फोन कर आश्रम में बाबा सीतारामदास की हत्या होने की सूचना दी। सूचना मिलने पर महंत आश्रम पहुंचे। शिकायत में इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर मोनी बाबा पर संदेह जताया गया है। हालांकि, हत्या में उसकी भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
दूध लेकर पहुंचे व्यक्ति ने बताई मोनी बाबा की मौजूदगी
शिकायत में मालकास निवासी और वर्तमान में गुड़ान में रहने वाले रोहताश जाट के बयान का भी जिक्र है। उसके अनुसार, वह सुबह करीब 8:30 से 8:45 बजे के बीच दूध लेकर आश्रम पहुंचा था। उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। वह दूध रखकर गांव नवा चला गया।रोहताश के मुताबिक, करीब आधे घंटे बाद आश्रम की ओर लौटते समय रास्ते में उसे मोनी बाबा तेजी से जाते हुए मिला। शिकायतकर्ता के अनुसार, मोनी बाबा कई दिनों से मौनव्रत पर था, इसलिए रोहताश ने उससे बातचीत नहीं की। बाद में आश्रम पहुंचने पर उसने बाबा सीतारामदास को मृत अवस्था में देखा। उनके सिर से खून निकल रहा था।
बस स्टैंड पर घबराया हुआ दिखने का भी दावा
महंत पूर्णदास की रिपोर्ट में नवा निवासी शेरसिंह पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा के कथन का भी उल्लेख है। शेरसिंह के अनुसार, मोनी बाबा नवा बस स्टैंड से उसके साथ एक वाहन में बैठा था। उस दौरान वह काफी घबराया हुआ दिखाई दे रहा था।शिकायतकर्ता ने इन बयानों और परिस्थितियों के आधार पर मोनी बाबा पर हत्या का संदेह जताया है। पुलिस अब संबंधित लोगों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपी की गतिविधियों की जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी
बाबा पूर्णदास की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का प्रयास है कि घटना के समय आश्रम में मौजूद लोगों की गतिविधियों और वारदात के क्रम को स्पष्ट किया जाए।मोनी बाबा की तलाश भी की जा रही है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। आरोपी की गिरफ्तारी और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के बाद ही हत्या की परिस्थितियों तथा उसकी कथित भूमिका के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।