अलवर नगर निगम में पट्टों की 650 फाइलें लंबित, आयुक्त स्तर पर अटके काम से परेशान लोग
अलवर नगर निगम में मकान और जमीन के पट्टे बनवाने के लिए लोगों को लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। निगम में पट्टों से जुड़ी करीब 650 फाइलें लंबित बताई जा रही हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों के स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं। फिलहाल आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज एसडीएम माधव भारद्वाज के पास है। कई आवेदक अधिकारियों और मेयर तक अपनी समस्या पहुंचा चुके हैं, लेकिन उन्हें अब भी राहत मिलने का इंतजार है।
नगर निगम में 650 पट्टों की फाइलें लंबित
अलवर नगर निगम में पट्टे जारी करने की प्रक्रिया में देरी से आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, निगम में करीब 650 फाइलें लंबित हैं। इनमें ऐसे आवेदक भी शामिल हैं, जो लंबे समय से अपने मकान या जमीन का पट्टा बनवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।लोगों का कहना है कि वे कई बार नगर निगम कार्यालय पहुंच चुके हैं। वहां संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें बताया जाता है कि उनके स्तर पर जरूरी काम पूरा हो चुका है। अब फाइल पर आगे की कार्रवाई आयुक्त स्तर पर होनी है। इसके चलते आवेदकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
आयुक्त का चार्ज एसडीएम माधव भारद्वाज के पास
अलवर नगर निगम में आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार एसडीएम माधव भारद्वाज के पास है। आवेदकों के अनुसार, आयुक्त स्तर पर फाइलों का निस्तारण नहीं होने से पट्टे जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।लोगों का कहना है कि जब वे अपने काम के सिलसिले में निगम के अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें आयुक्त के स्तर पर निर्णय होने का इंतजार करने के लिए कहा जाता है। ऐसे में कई आवेदकों के काम लंबे समय से अटके हुए हैं।हालांकि, लंबित फाइलों की संख्या और उनके निस्तारण में देरी के कारणों को लेकर नगर निगम प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
दो महीने के शिविरों के बाद भी नहीं निपटीं फाइलें
सरकार की ओर से पट्टे जारी करने के लिए पहले दो महीने तक शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को पट्टे बनवाने की प्रक्रिया में सुविधा देना और लंबित मामलों का निस्तारण करना था।आवेदकों को उम्मीद थी कि शिविरों के जरिए उनके काम समय पर पूरे हो जाएंगे। लेकिन कई लोगों के अनुसार, शिविरों के दौरान भी सभी फाइलों का निस्तारण नहीं हो पाया। इसके बाद उन्हें फिर से नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।लोगों का कहना है कि जब शिविरों के माध्यम से आवेदन लिए गए और प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो लंबित मामलों का समाधान भी प्राथमिकता से होना चाहिए था।
अधिकारियों और मेयर तक पहुंचाई शिकायत
आर्य नगर निवासी सुरेश शर्मा और वार्ड नंबर 4 निवासी ओमकार सिंह व हेमंत ने बताया कि वे पट्टे बनवाने के लिए कई बार नगर निगम जा चुके हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें बताया जाता है कि फाइल अब आयुक्त स्तर पर लंबित है।कुछ आवेदक मिनी सचिवालय स्थित एसडीएम कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात एसडीएम माधव भारद्वाज से नहीं हो सकी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि एसडीएम चुनाव संबंधी काम में व्यस्त हैं।इसके बाद लोगों ने मेयर से भी मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई। आवेदकों के अनुसार, मेयर ने संबंधित अधिकारियों को काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उनकी फाइलों का निस्तारण नहीं हो पाया।
पट्टों के इंतजार में लोगों की बढ़ रही परेशानी
पट्टा किसी मकान या जमीन से जुड़े अधिकारों और दस्तावेजी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पट्टे की फाइल लंबे समय तक लंबित रहने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।लोगों की मांग है कि लंबित फाइलों की समीक्षा कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही, आवेदकों को यह स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनकी फाइल किस स्तर पर अटकी है और आगे की कार्रवाई में कितना समय लग सकता है।
आयुक्त से संपर्क नहीं हो सका, प्रशासनिक जवाब का इंतजार
पट्टों की फाइलें लंबित रहने और लोगों की परेशानी के संबंध में आयुक्त माधव भारद्वाज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए इस मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।फिलहाल नगर निगम में करीब 650 पट्टों की फाइलें लंबित होने की जानकारी सामने आई है। अब आवेदकों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या पर ध्यान देकर फाइलों का निस्तारण करेगा और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।