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सरिस्का में बाघिन ST-2302 और शावकों की अठखेलियां, पर्यटकों को लुभा रही टाइगर साइटिंग

अलवर। राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में इन दिनों बाघिनों और उनके शावकों की मौजूदगी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जंगल के प्राकृतिक वातावरण में बाघिन और शावकों की अठखेलियां पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव बन रही हैं। अंधेरी बफर ट्रैक पर बाघिन ST-2302 अपने दो शावकों के साथ दिखाई दी। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर हिमांशु शर्मा ने इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरे में कैद किया। वहीं, बारा लीवारी और अंधेरी ट्रैक पर लगातार हो रही टाइगर साइटिंग से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों का उत्साह बढ़ रहा है।

अंधेरी बफर ट्रैक पर शावकों के साथ नजर आई बाघिन

सरिस्का के अंधेरी बफर ट्रैक पर सफारी के दौरान बाघिन ST-2302 अपने दो शावकों के साथ दिखाई दी। जंगल में विचरण करती बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियों ने इस नजारे को खास बना दिया। प्राकृतिक वातावरण में शावकों को अठखेलियां करते देखना वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का विषय है। इस दौरान वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर हिमांशु शर्मा ने बाघिन और शावकों के इन खूबसूरत पलों को कैमरे में कैद किया। उनकी तस्वीरों के जरिए जंगल में वन्यजीवों की स्वाभाविक गतिविधियों को देखने का अवसर मिल रहा है।

बारा लीवारी और अंधेरी ट्रैक पर लगातार टाइगर साइटिंग

सरिस्का के बारा लीवारी और अंधेरी ट्रैक पर लगातार बाघों के दिखाई देने से पर्यटकों का आकर्षण बढ़ रहा है। सफारी के दौरान बाघिनों और उनके शावकों की मौजूदगी पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव बन रही है। जंगल में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखना सफारी की खासियत है। इन ट्रैक पर हो रही टाइगर साइटिंग वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए भी तस्वीरें लेने के अवसर उपलब्ध करा रही है। बाघिन और शावकों की गतिविधियों को देखने की उत्सुकता के चलते सरिस्का का बफर जोन पर्यटकों के बीच चर्चा में बना हुआ है।

वन्यजीव फोटोग्राफी के लिए आकर्षण का केंद्र बना सरिस्का

बाघिन ST-2302 और उसके दोनों शावकों की मौजूदगी वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। जंगल में बाघिन और शावकों की स्वाभाविक गतिविधियों को कैमरे में कैद करना वन्यजीव फोटोग्राफी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फोटोग्राफर हिमांशु शर्मा ने अंधेरी बफर ट्रैक पर इस तरह के खूबसूरत दृश्यों को अपने कैमरे में उतारा। सरिस्का में बाघों की साइटिंग से वन्यजीव प्रेमियों को करीब से प्रकृति को समझने का अवसर मिलता है। हालांकि, वन्यजीवों को देखने की संभावना जंगल की परिस्थितियों और उनकी स्वाभाविक गतिविधियों पर निर्भर करती है।

टाइगर साइटिंग से पर्यटन को मिल रहा प्रोत्साहन

सरिस्का बफर जोन में बाघिनों और शावकों की लगातार मौजूदगी से पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। बारा लीवारी और अंधेरी ट्रैक पर हो रही साइटिंग वन्यजीव पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, ऐसी गतिविधियां जंगल और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने में भी सहायक हो सकती हैं। सरिस्का की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों की मौजूदगी इसे राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में बनाए रखती है।

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Stv News Rajasthan

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