टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से बॉलीवुड में चिंता, अशोक पंडित बोले- 80-90 के दशक जैसा डर लौटने की आशंका
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि इससे बॉलीवुड में डर का माहौल बन सकता है। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में अंडरवर्ल्ड से जुड़ी धमकियों के दौर का जिक्र किया। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को बताया चिंताजनक
मुंबई में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में चिंता जताई जा रही है। FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थान पर हथियारों का इस्तेमाल किसी की जान के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।पंडित के अनुसार, राहत की बात है कि टाइगर श्रॉफ इस घटना में सुरक्षित बच गए। उन्होंने कहा कि जिस तरह नजदीक से गोलियां चलाई गईं, उससे हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।उन्होंने संबंधित एजेंसियों से मामले को गंभीरता से लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की।
बॉलीवुड में 80-90 के दशक जैसा डर लौटने की आशंका
अशोक पंडित ने फिल्म इंडस्ट्री में पैदा हो रही चिंता को ‘फियर साइकोसिस’ यानी भय के माहौल से जोड़ा। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक का उल्लेख किया, जब फिल्म जगत में अंडरवर्ल्ड से जुड़ी धमकियों की घटनाएं चर्चा में रहती थीं।पंडित ने कहा कि ऐसी घटनाओं से कलाकारों और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बढ़ती हैं। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है।उन्होंने मुंबई पुलिस पर भरोसा जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों तक पहुंचेगी। हालांकि, घटना के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की अपील
अशोक पंडित ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि धमकियों और फायरिंग जैसी घटनाओं पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।पंडित के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति या गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, तो उस दावे की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने ऐसे तत्वों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाने की मांग की।फिलहाल, घटना से जुड़े दावों और संभावित जिम्मेदारी की पुष्टि जांच के आधार पर होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री बोले- घटना में शामिल किसी को बख्शा नहीं जाएगा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि फायरिंग की घटना में कोई भी व्यक्ति या गिरोह शामिल हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ऐसे मामलों से निपटने में सक्षम है।फडणवीस के अनुसार, धमकियों के जरिए दबदबा कायम करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध से जुड़े लोगों को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने मामले में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा जताया। जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
लॉरेंस बिश्नोई को लेकर पूछे गए सवाल पर क्या बोले फडणवीस?
मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि क्या महाराष्ट्र सरकार लॉरेंस बिश्नोई को हिरासत में लेने के लिए प्रयास करेगी, तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में अनुरोध पहले ही भेजा जा चुका है और प्रक्रिया जारी है।फडणवीस ने कहा कि संबंधित कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। उन्होंने मुंबई पुलिस की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस जरूरी कदम उठाएगी, चाहे वे कहीं भी हों।हालांकि, इस बयान से किसी व्यक्ति की इस फायरिंग में संलिप्तता अपने आप साबित नहीं होती। मामले में वास्तविक भूमिका का निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अशोक पंडित ने इसे व्यापक सुरक्षा के नजरिए से गंभीर मुद्दा बताया है, जबकि मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।अब पुलिस जांच, घटना के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान पर नजर रहेगी। मामले में सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।