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जयपुर वक्फ जमीन फर्जीवाड़ा: मास्टरमाइंड पर इनाम ₹25 हजार, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

जयपुर में जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट की वक्फ संपत्तियों को कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे नासिर खान सड़वा पर इनाम की राशि 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। मामले में छह नामजद सहित कुल 27 आरोपियों के नाम सामने आने की बात कही गई है। अब तक मुख्य आरोपी मोहम्मद जियाउर रहीम को छोड़कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर ट्रस्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, जमीन खरीदकर मकान बनाने वाले लोगों को बेदखली और बुलडोजर कार्रवाई का डर सता रहा है।

करोड़ों की वक्फ संपत्ति बेचने का आरोप

यह मामला जयपुर के रामगढ़ रोड स्थित जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट की वक्फ संपत्ति से जुड़ा है। बताया गया है कि ट्रस्ट के पास 80 बीघा से अधिक जमीन है। आरोप है कि ट्रस्ट से जुड़े रहे मोहम्मद जियाउर रहीम ने जमीन का कारोबार करने वाले नासिर खान सड़वा और अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों की बिक्री शुरू की।मामले की जानकारी ट्रस्ट को तब मिली, जब जमीन खरीदने वाले लोगों ने वहां निर्माण कार्य शुरू किया। इसके बाद ट्रस्ट ने कथित फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस से शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अदालत के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मामला

ट्रस्ट की ओर से शिकायत किए जाने के बावजूद जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, तो शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत के हस्तक्षेप के बाद पिछले साल 1 जुलाई को जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाने में मामला दर्ज किया गया।इस प्रकरण में छह लोगों को नामजद किया गया था। जांच के दौरान 21 अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की बात कही गई। मुख्य आरोपी बताए जा रहे मोहम्मद जियाउर रहीम को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह कुछ ही दिनों में जमानत पर बाहर आ गया। ट्रस्ट का आरोप है कि इसके बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

नासिर खान सड़वा पर इनाम बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया

पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नासिर खान सड़वा पर घोषित इनाम की राशि 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। अन्य आरोपियों पर भी इनाम घोषित करने की तैयारी की बात सामने आई है।ट्रस्ट के सचिव मोहम्मद शोएब का आरोप है कि नासिर सड़वा इनाम घोषित होने के बावजूद खुलेआम घूम रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ आरोपी पीड़ितों और गवाहों को धमका रहे हैं तथा जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

जमीन खरीदकर मकान बनाने वाले लोगों को बेदखली का डर

इस मामले में उन लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है, जिन्होंने कथित तौर पर वक्फ की जमीन कम कीमत पर खरीदकर अपने मकान बना लिए। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पैसे देकर जमीन खरीदी और अब उन्हें अपने आशियाने खोने की चिंता सता रही है।इन लोगों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित संबंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि यदि जमीन के सौदे में फर्जीवाड़ा हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन खरीदारों के मामले पर भी विचार किया जाए, जिन्होंने भुगतान करके मकान बनाए हैं। फिलहाल, जमीन के स्वामित्व और संबंधित सौदों की कानूनी स्थिति का निर्धारण दस्तावेजों तथा जांच के आधार पर होना बाकी है।

ट्रस्ट ने नगर निगम और JDA को भेजी शिकायत

बताया गया है कि वक्फ संपत्ति से जुड़े ट्रस्ट ने नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे हैं। इनमें जमीन पर कब्जे और कथित अवैध निर्माण की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। ट्रस्ट की ओर से अतिक्रमण हटाने और जमीन खाली कराने की अपील भी किए जाने की जानकारी है।दूसरी ओर, जमीन पर मकान बना चुके लोग कार्रवाई की आशंका से चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि उनके मामलों की जांच किए बिना उन्हें बेदखल न किया जाए। इस विवाद में जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों की वैधता और खरीदारों की स्थिति जैसे पहलुओं का कानूनी परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।

अचरोल सोसाइटी ने नासिर के दावों से किया किनारा

वक्फ संपत्ति के सौदों को लेकर अचरोल सोसाइटी का नाम भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोसाइटी ने पैसे लेकर पट्टे आवंटित करने संबंधी नासिर खान सड़वा के दावों को खारिज किया है। सोसाइटी ने इस मामले से सीधे तौर पर अपना संबंध होने से इनकार किया है।इससे जमीन के सौदों और कथित पट्टा आवंटन को लेकर जांच के कई पहलू सामने आते हैं। यह पता लगाना जरूरी होगा कि जमीन के दस्तावेज किस आधार पर तैयार किए गए, भुगतान किसे किया गया और संबंधित संस्थाओं की वास्तविक भूमिका क्या रही।

वक्फ बोर्ड ने संपत्तियों के लेनदेन पर लगाई रोक

मामले के बीच वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त, किराये, इस्तेमाल और उपहार के रूप में हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। इस कदम का उद्देश्य विवादित संपत्तियों से जुड़े लेनदेन को रोकना बताया गया है।ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, जयपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घोषित इनाम के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

अब जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी नजरें

जयपुर का यह मामला कथित जमीन फर्जीवाड़े, वक्फ संपत्ति के स्वामित्व और जमीन खरीदने वाले लोगों के भविष्य से जुड़ा है। एक ओर ट्रस्ट आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खरीदार अपने मकानों को सुरक्षित रखने की गुहार लगा रहे हैं।अब पुलिस जांच में दस्तावेजों की वैधता, आरोपियों की भूमिका और जमीन के सौदों से जुड़े तथ्यों का स्पष्ट होना जरूरी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। आगे की स्थिति पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी।


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