अलवर में ‘GenZ संवाद’: 1200 से अधिक विद्यार्थियों को नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की सीख
अलवर में पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर मंगलवार को ‘GenZ संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अधिकारियों ने युवाओं को नशे से दूर रहने, साइबर ठगी से बचने और यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930, आपातकालीन सहायता नंबर 112 और अन्य जरूरी हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना रहा।
अलवर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त पहल
अलवर में युवाओं को सामाजिक चुनौतियों और सुरक्षा संबंधी विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए ‘GenZ संवाद’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में हुए इस आयोजन में जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के 1200 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए।कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उनकी जिज्ञासाओं और समस्याओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को कार्यक्रम के प्रमुख विषयों के रूप में रखा। युवाओं को इन मुद्दों पर जागरूक रहकर अपने परिवार और समाज में भी सकारात्मक संदेश फैलाने की अपील की गई।
नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर सकती हैविद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। अधिकारियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
साइबर ठगी से बचने के लिए बताए जरूरी उपाय
डिजिटल गतिविधियां बढ़ने के साथ साइबर अपराधों से सतर्क रहना भी जरूरी है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी गई।अधिकारियों ने सलाह दी कि अनजान व्यक्तियों के साथ ओटीपी, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतें।साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। अलवर जिले में साइबर ठगी की शिकायत के लिए 8764874306 नंबर भी बताया गया।
तेज रफ्तार और बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।युवाओं से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, यातायात संकेतों का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। विद्यार्थियों से अपने परिवार और परिचितों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया।
आपातकालीन सहायता और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
‘GenZ संवाद’ में विद्यार्थियों को जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से साइबर अपराध के लिए 1930 और आपातकालीन सहायता के लिए 112 शामिल हैं। कार्यक्रम में 100 और महिला हेल्पलाइन 1090 का भी उल्लेख किया गया।इन नंबरों की जानकारी देने का उद्देश्य युवाओं को संकट की स्थिति में उचित माध्यम से मदद लेने के लिए जागरूक करना था। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित सेवा के वर्तमान नंबर और उपलब्धता की जानकारी आधिकारिक स्रोत से जांचना उपयोगी है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से किया संवाद
कार्यक्रम में अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर अंबा लाल मीणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन रेणु मिश्रा ने किया।विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक संवाद में हिस्सा लिया और अधिकारियों के सामने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। इस पहल के माध्यम से युवाओं को नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया।
जागरूक युवा, सुरक्षित समाज का लक्ष्य
‘GenZ संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं को केवल जानकारी देने के साथ सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने पर जोर रहा। नशे से दूरी, ऑनलाइन सतर्कता और यातायात नियमों का पालन ऐसे विषय हैं, जिनका सीधा संबंध युवाओं और समाज की सुरक्षा से है।अब इस तरह के संवाद कार्यक्रमों के जरिए जागरूकता का संदेश विद्यार्थियों से उनके परिवारों और व्यापक समाज तक पहुंचाने की उम्मीद है।