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राजस्थान पंचायत चुनाव: पहले चरण का नामांकन शुरू, 3314 ग्राम पंचायतों में 25 अक्टूबर को मतदान

जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 का औपचारिक आगाज हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के लिए लोक सूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में सदस्य पदों के लिए नामांकन होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर निर्धारित की गई है।वहीं, पहले चरण में 3314 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव भी होंगे। इनके लिए नामांकन प्रक्रिया 24 अक्टूबर को होगी और मतदान 25 अक्टूबर को कराया जाएगा। यानी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होकर नवंबर तक चलेगी।

16 जिला परिषद और 104 पंचायत समितियों में नामांकन

पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्य पदों के लिए नामांकन शुरू हो गया है। जिला परिषद सदस्य के लिए संबंधित जिला स्तर पर और पंचायत समिति सदस्य के लिए निर्धारित उपखंड स्तर पर नामांकन दाखिल किए जाएंगे।नामांकन पत्र जमा करने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा। 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर है। इसी दिन चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।

3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच का चुनाव

पहले चरण में 3314 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच चुने जाएंगे। इन पदों के लिए नामांकन 24 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक दाखिल किए जाएंगे।इसके अगले दिन यानी 25 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पंच और सरपंच पद की मतगणना की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा।

6940 ग्राम पंचायतों की चुनावी प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी

राजस्थान में कुल 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं। चार चरणों में होने वाली प्रक्रिया के दौरान पहले चरण में 3314 और दूसरे चरण में 3626 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। इससे अक्टूबर के अंत तक 6940 ग्राम पंचायतों की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।पहले चरण में 25 अक्टूबर और दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को पंच-सरपंच के लिए मतदान होगा। इसके बाद तीसरे चरण में 6 नवंबर और चौथे चरण में 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा।

चार चरणों में होंगे पंच-सरपंच के चुनाव

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार पंच और सरपंच के चुनाव चार चरणों में होंगे।

  • पहला चरण: मतदान 25 अक्टूबर
  • दूसरा चरण: मतदान 31 अक्टूबर
  • तीसरा चरण: मतदान 6 नवंबर
  • चौथा चरण: मतदान 16 नवंबर

हर चरण में मतदान के बाद उसी दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पंच और सरपंच पद की मतगणना होगी। उपसरपंच का चुनाव अगले दिन कराया जाएगा।

मतदान दलों के लिए गद्दे-चादर और भोजन की व्यवस्था

राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान दलों की सुविधाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतदान दलों और सुरक्षाकर्मियों को अपने साथ गद्दे, चादर और तकिया लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। इनकी व्यवस्था जिला निर्वाचन अधिकारियों को करनी होगी।इसके अलावा मतदान केंद्रों पर छाया, पानी और रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान कर्मियों को करीब पांच दिन तक चुनावी ड्यूटी में रहना होगा। उनके लिए कुक और हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर की जाएगी।

मतदान दलों को मिलेगा निर्धारित खर्च

मतदान दल में सहायक मतदान अधिकारी से लेकर रिटर्निंग अधिकारी तक कुल छह कर्मचारी शामिल होंगे। पांच दिन के खर्च के लिए प्रत्येक दल को 17,650 रुपए दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।इसके अलावा मतदानकर्मियों के लिए निर्धारित दैनिक भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। आयोग का उद्देश्य मतदान दलों को दूरदराज के क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

शांतिपूर्ण चुनाव के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश

पंचायत चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए कई प्रतिबंधात्मक निर्देश लागू किए गए हैं।सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा।इसके अलावा BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री डालने पर कार्रवाई की जाएगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

मतदान से पहले ड्राई डे और विजय जुलूस पर रोक

प्रशासन की ओर से मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरपंच चुनाव में जीत के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी।इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराना है। प्रशासन और निर्वाचन विभाग अब नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतदान तक की तैयारियों में जुटे हैं।

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Stv News Rajasthan

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