कोटा में खिला कमल, अनुसुइया गोस्वामी बनीं नई महापौर; 30 वोट से जीतीं
कोटा नगर निगम को नई महापौर मिल गई हैं। भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता कुमारी सुमन को 30 वोट से हराकर महापौर पद पर जीत दर्ज की। गोस्वामी को 65 और कांग्रेस प्रत्याशी को 35 वोट मिले। इसके साथ ही कोटा नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया। शुक्रवार को शपथ लेने के बाद गोस्वामी ने पदभार संभाल लिया। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को अपनी पहली प्राथमिकता बताते हुए इंदौर की तर्ज पर कोटा को स्वच्छ बनाने की बात कही।
अनुसुइया गोस्वामी बनीं कोटा की आठवीं महापौर
महापौर चुनाव की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह कोटा नगर निगम कार्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। करीब ढाई घंटे चली मतदान प्रक्रिया के बाद मतगणना की गई।कुल 100 पार्षदों में भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले। कांग्रेस की सुनीता कुमारी सुमन के खाते में 35 वोट आए। निर्वाचन अधिकारी ने गोस्वामी को 30 वोट के अंतर से विजयी घोषित किया।जीत के बाद अनुसुइया गोस्वामी ने कोटा की आठवीं महापौर के रूप में शपथ ली और पदभार संभाला।
इंदौर की तर्ज पर कोटा को स्वच्छ बनाने का दावा
पदभार संभालने के बाद अनुसुइया गोस्वामी ने शहर की सफाई व्यवस्था को अपनी पहली प्राथमिकता बतायाउन्होंने कहा कि कोटा को इंदौर की तर्ज पर स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष के मार्गदर्शन में शहर के विकास और स्वच्छता से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने की बात कही।शिक्षा नगरी कोटा में सफाई, सड़क और नागरिक सुविधाएं महापौर के सामने प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
भाजपा के 59 वोट थे, 65 तक पहुंची संख्या
चुनाव से पहले भाजपा के पास 57 पार्षद और दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन समेत कुल 59 वोट होने की बात सामने आई थी।मतदान के बाद भाजपा प्रत्याशी अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने दावा किया कि छह कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
वहीं कांग्रेस के पास अपने 39 पार्षदों और एक निर्दलीय के समर्थन से 40 वोट होने की बात कही गई थी। अंतिम मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी को 35 वोट मिले। हालांकि, गुप्त मतदान होने के कारण व्यक्तिगत तौर पर किस पार्षद ने किसे वोट दिया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
कांग्रेस को लगा क्रॉस-वोटिंग का झटका
महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस खेमे में क्रॉस-वोटिंग की आशंका जताई जा रही थी। चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा की संख्या 59 से बढ़कर 65 होने से इस चर्चा को और बल मिला।भाजपा की ओर से इसे कांग्रेस पार्षदों की क्रॉस-वोटिंग बताया गया है। कांग्रेस की ओर से संबंधित पार्षदों के नाम या व्यक्तिगत वोटिंग को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि इस सामग्री में सामने नहीं है।गुप्त मतदान होने के कारण आधिकारिक रूप से केवल प्रत्याशियों को मिले वोटों की संख्या ही सामने आई है।
मतदान से पहले विधायक का बयान भी चर्चा में
मतदान शुरू होने से पहले कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा प्रत्याशी को 65 वोट मिलने का दावा किया था।मतगणना के बाद जब गोस्वामी को 65 वोट मिले तो विधायक का यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि मतदान से पहले किसी प्रत्याशी को मिलने वाले वोटों के संबंध में किया गया दावा राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाएगा।
कांग्रेस पार्षद पहले पहुंचे, भाजपा पार्षद पगड़ी पहनकर आए
मतदान के लिए कांग्रेस के पार्षद पहले सीएडी सर्कल पहुंचे। कांग्रेस के 39 पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद पार्टी नेताओं के साथ मतदान केंद्र पहुंचे।सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कुछ नेताओं को बैरिकेड के पास रोक दिया। इसे लेकर कांग्रेस शहर अध्यक्ष राखी गौतम और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस की स्थिति भी बनी।इसके बाद भाजपा के 57 पार्षद और दो निर्दलीय पार्षद दो बसों में मतदान केंद्र पहुंचे। भाजपा पार्षद विशेष पगड़ी पहनकर आए थे।
97 वोट पड़ने के बाद बाकी पार्षदों का इंतजार
मतदान प्रक्रिया के दौरान सवा 11 बजे तक 97 वोट डाले जा चुके थे। इसके बाद निर्वाचन विभाग की टीम भाजपा के दो और एक निर्दलीय पार्षद के मतदान के लिए पहुंचने का इंतजार कर रही थी।भाजपा के दोनों पार्षद निगम परिसर में मौजूद थे। बाद में निर्दलीय पार्षद राहुल माथुर मतदान के लिए पहुंचे। इसके बाद भाजपा के दोनों पार्षद भी मतदान के लिए कतार में शामिल हुए और प्रक्रिया पूरी हुई।
2020 में दोनों निगमों में कांग्रेस का बोर्ड था
कोटा के तत्कालीन उत्तर और दक्षिण नगर निगम में 2020 में चुनाव हुए थे। उस चुनाव में दोनों निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बने थे।उत्तर नगर निगम में मंजू मेहरा और कोटा दक्षिण नगर निगम में राजीव अग्रवाल महापौर चुने गए थे। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान राजीव अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।अब नए परिसीमन और मौजूदा निकाय व्यवस्था के बाद कोटा नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया है और अनुसुइया गोस्वामी ने महापौर पद संभाल लिया है।
नई महापौर के सामने शहर की बड़ी जिम्मेदारी
महापौर पद संभालने के बाद अनुसुइया गोस्वामी के सामने कोटा की सफाई व्यवस्था के अलावा शहर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।स्वच्छता, सड़क, जल निकासी, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे नगर निगम के सामने रहेंगे। अब महापौर की ओर से घोषित प्राथमिकताओं को जमीन पर लागू करने पर नजर रहेगी।