सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से PM मोदी का वर्चुअली संवाद, बोले- जनसेवा से देशसेवा ही मेरा मंत्र
बीकानेर/जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से वर्चुअली संवाद किया। उन्होंने यात्रा के दौरान मिले अनुभवों और विविधता में एकता के संदेश को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव और कस्बे ज्ञान व समाधान का समृद्ध स्रोत हैं और एक युवा का समाधान दूसरे युवा की ताकत बन सकता है। उन्होंने सेवा को भारतीय सामाजिक संस्कार से जोड़ते हुए करुणा, विनम्रता और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े और राजस्थान में विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी।
सेवा और यात्रा भारतीय सामाजिक संस्कार का हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत में यात्रा और सेवा की परंपरा लंबे समय से सामाजिक संस्कारों से जुड़ी रही है। उनके अनुसार, ऐसी यात्राओं से व्यक्ति और संगठन के कार्यकर्ताओं को समाज को करीब से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि यात्राएं लोगों को करुणा, विनम्रता और अनुशासन की सीख देती हैं। प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से यात्रा के दौरान अनुभव किए गए विविधता में एकता के भाव को देश के हर कोने तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में समाज के हर वर्ग की भूमिका है और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी।
एक युवा का समाधान दूसरे की ताकत बनेगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव और कस्बों में स्थानीय स्तर पर ज्ञान और समस्याओं के समाधान का बड़ा भंडार मौजूद है। एक स्थान पर किया गया प्रयोग दूसरे स्थान के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक युवा द्वारा निकाला गया समाधान दूसरे युवा के लिए ताकत बन सकता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागी अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और जनभागीदारी के नए सेतु तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता है, इसलिए युवाओं के लिए देश को समझना, अलग-अलग सामाजिक वर्गों से मिलना और उनकी आकांक्षाओं को जानना जरूरी है।
जनसेवा से देशसेवा ही मेरा मंत्र: PM मोदी
प्रधानमंत्री ने सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए भारतीय परंपरा में मौजूद ‘नर सेवा नारायण सेवा’ के भाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब शासन के मूल में सेवा की भावना होती है तो नीतियों के केंद्र में नागरिक आते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज और आयुष्मान जैसी योजनाओं के पीछे भी सेवा का भाव जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए जनसेवा से देशसेवा ही मंत्र है और लोगों का आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी ऊर्जा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सेवा भाव से किया गया कार्य लंबे समय तक लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ता है।
राजस्थान के प्रतिभागियों से PM ने जाना यात्रा का अनुभव
वर्चुअल संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। उन्होंने ब्यावर से डॉक्टर देवांगी तथा डेगाना से हर्षवर्धन सिंह और कुलदीप से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में पौधारोपण के दौरान घड़ा गाड़ने का सुझाव भी दिया। उनके अनुसार इससे पौधे के विकास में मदद मिल सकती है और पानी की बचत की जा सकती है। संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने यात्रा से जुड़े अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा, सामाजिक भागीदारी और युवाओं के बीच संवाद को बढ़ावा देना बताया गया।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में उनका प्रत्येक क्षण सेवा के लिए समर्पित रहा है और इसी सेवा संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी के भाव को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बेटी बचाओ से एक पेड़ मां के नाम तक का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियानों को गति मिली है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत अभियान और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर हरियालो राजस्थान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है और उनके अनुसार अब तक 28 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया।
राजस्थान की जल परियोजनाओं का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर राजस्थान की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार करीब एक लाख करोड़ रुपये लागत वाली रामजल सेतु लिंक परियोजना में लगभग 41 हजार करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, करीब 35 हजार करोड़ रुपये की यमुना जल परियोजना को भी तेजी से धरातल पर उतारने की बात कही गई। उन्होंने इन्हें राजस्थान की जल आवश्यकताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाएं बताया।
बीकानेर में बाइक रैली और पौधारोपण कार्यक्रम
इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर के वेटरनरी कॉलेज में सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत आयोजित बाइक रैली के राइडर्स के साथ प्रधानमंत्री के वर्चुअल संवाद को देखा। मुख्यमंत्री ने बीकानेर पहुंचे बाइक राइडर्स से स्वयं भी बातचीत की और उनके अनुभव जाने। इस दौरान उन्होंने कलश यात्रा और वडनगर से वाराणसी जा रही बाइक रैली को रवाना किया। मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।