राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली कमान; जानिए कौन हैं
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। 2 सितंबर 2026 को ट्रस्ट की अहम बैठक में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिरामदास छावनी में हुई बैठक में उनकी नियुक्ति पर मुहर लगी।
बैठक में तीन नए ट्रस्टियों को भी शामिल किया गया। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि समेत अन्य ट्रस्टी भी बैठक में मौजूद रहे।
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
ट्रस्ट के CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की गई। इसके लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई थी। इसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े शामिल थे।
बताया गया कि CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों की संख्या कम की गई और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसके बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाकर इंटरव्यू लिया गया। समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट अध्यक्ष को सौंपी, जिसके आधार पर जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन हासिल किया था।
अपने करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया और 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया। वे क्वालिफाइड टेस्ट पायलट रहे हैं और अमेरिका की एयर यूनिवर्सिटी से भी शिक्षा प्राप्त की है।
पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं
जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। जनवरी 2025 में उन्होंने पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला था। यह वायुसेना की रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण कमानों में शामिल है।
करीब 39 साल की सेवा के बाद वे 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। अब सेवानिवृत्ति के कुछ ही महीनों बाद उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी मिली है।
ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा का नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चर्चा में रहा। उस समय वे पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे और अभियान के दौरान महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने ऑपरेशन से जुड़े कई पहलुओं पर अपनी बात रखी। इसमें उन्होंने पाकिस्तान के एक AWACS विमान को S-400 प्रणाली से करीब 314 किलोमीटर की दूरी से मार गिराए जाने का दावा किया था। उन्होंने इसे जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल की असाधारण लंबी दूरी की कार्रवाई बताया था।
उन्होंने यह भी कहा था कि अभियान के दौरान भारतीय सेनाओं पर सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई भौगोलिक प्रतिबंध नहीं था और भारत पाकिस्तान के भीतर कहीं भी कार्रवाई करने में सक्षम था। ये दावे उनके स्वयं के बयानों पर आधारित हैं।
कई सैन्य सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित
जितेंद्र मिश्रा को उनके सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण सम्मान मिल चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर में योगदान के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) भी मिल चुका है।
अब भारतीय वायुसेना के लंबे अनुभव वाले इस पूर्व वरिष्ठ अधिकारी के सामने राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कामकाज को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।