मंजीत कौर डेथ केस: पोस्टमॉर्टम में बड़ा खुलासा, 7 हफ्ते की गर्भवती थी
पंजाब की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, मौत के समय मंजीत करीब सात सप्ताह की गर्भवती थी। गंभीर रूप से झुलसने के बाद करीब दो महीने तक अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझने के बाद 26 अगस्त को चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर में उसकी मौत हो गई। मामले में मृतका की मां की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या समेत धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई गर्भावस्था की जानकारी
मंजीत कौर की मौत के बाद कराए गए पोस्टमॉर्टम में पता चला कि वह करीब सात सप्ताह की गर्भवती थी। यह जानकारी मामले की जांच के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों में शामिल है। मंजीत गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में अस्पताल पहुंची थी और कई सप्ताह तक उसका उपचार चला। हालत नाजुक होने के कारण उसे चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था। करीब दो महीने तक उपचार के बाद 26 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
मां ने दो लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
मंजीत की मां कांता देवी ने पुलिस को दी शिकायत में दो परिचितों शुभी और पिंडा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, 3 और 4 जुलाई की रात दोनों ने मंजीत को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में बुलाया था। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और इसके बाद उसे जबरन एक वाहन में बैठाकर मोरिंडा के पास सुनसान इलाके में ले जाया गया। पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जंगल में पेड़ से बांधकर आग लगाने का आरोप
मृतका की मां ने आरोप लगाया है कि मंजीत को मोरिंडा के पास एक सुनसान जंगल में ले जाकर पेड़ से बांध दिया गया और कथित तौर पर आग लगा दी गई। घटना के बाद एक अन्य परिचित के मौके पर पहुंचने की बात कही गई है, जिसने गंभीर रूप से झुलसी मंजीत को अस्पताल पहुंचाया। पहले उसे मोरिंडा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे मोहाली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहां से चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर रेफर किया गया।
करीब दो महीने तक अस्पताल में चला इलाज
गंभीर रूप से झुलसने के बाद मंजीत कौर का लंबे समय तक उपचार चला। प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी रहा, लेकिन करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 26 अगस्त को उसकी मौत हो गई। मौत की खबर सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। पुलिस अब घटना की पूरी कड़ी को जोड़ने के लिए प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया अपहरण और हत्या का केस
मंजीत की मौत के बाद उसकी मां की शिकायत पर पुलिस ने शुभी और पिंडा को नामजद करते हुए अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच एजेंसियां घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे क्या वजह थी और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
गर्भावस्था की जानकारी ने जांच को बनाया अहम
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मंजीत के करीब सात सप्ताह की गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद यह तथ्य भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। हालांकि, इस जानकारी को घटना के कारण या आरोपों से सीधे जोड़ना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस को मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच करनी होगी। फिलहाल पुलिस का ध्यान आरोपियों को तलाशने और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने पर है।