बच्चों के खेलने की जगह कचरे में मिला पटाखों का बारूद, विस्फोट में 11 वर्षीय छात्र झुलसा
भिवाड़ी।
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में अवैध पटाखा निर्माण और बारूद के खुले में पड़े रहने का खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को बच्चों के खेलने के स्थान के पास कचरे में आग लगाने के दौरान पटाखों के बारूद ने आग पकड़ ली। इसके बाद हुए जोरदार विस्फोट में 11 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से झुलस गया। घायल बच्चे को पहले भिवाड़ी के अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए अलवर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका उपचार राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के बर्न वार्ड में जारी है।
जानकारी के अनुसार बिहार के रोहतास जिले के मोठा गांव निवासी राजनाथ अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ भिवाड़ी के विजय नगर में किराए के मकान में रहते हैं। राजनाथ ट्रांसफार्मर बनाने वाली मेहरू टॉर्च कंपनी में काम करते हैं। सोमवार दोपहर उनका 11 वर्षीय बड़ा बेटा सचिन पारसी अन्य बच्चों के साथ घर के पास मैदान में खेल रहा था।
इसी दौरान बच्चों ने कचरे के पास आग लगा दी। कचरे में पहले से मौजूद पटाखों के बारूद ने अचानक आग पकड़ ली और तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आने से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला सचिन गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसे के तुरंत बाद परिजन घायल बच्चे को भिवाड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अलवर रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे को राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय लाया गया, जहां बर्न वार्ड में उसका उपचार चल रहा है।
हादसे के बाद क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण और बारूद के खुले में पड़े रहने को लेकर प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में पहले भी आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद यदि बारूद बच्चों के खेलने वाले स्थान तक पहुंच रहा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।