हनुमानगढ़ में 90% बना फुटओवरब्रिज फिर भी अधूरा, निकाय चुनाव से पहले गरमाया मुद्दा
हनुमानगढ़: गांधीनगर क्षेत्र में रेलवे लाइन पार करने की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनाया जा रहा फुटओवरब्रिज करीब 90 प्रतिशत पूरा होने के बावजूद लंबे समय से अटका हुआ है। आबादी क्षेत्र की तरफ ब्रिज के उतराव को लेकर विवाद के कारण अंतिम चरण का काम बंद है। करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से लगभग 10 हजार लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। लेकिन चुनाव से पहले भी काम पूरा नहीं होने से अब यह अधूरा फुटओवरब्रिज विकास के दावों के साथ-साथ स्थानीय राजनीति का भी अहम मुद्दा बनता जा रहा है।
10 हजार लोगों को मिलनी है सुरक्षित आवाजाही की सुविधा
गांधीनगर क्षेत्र में रेलवे लाइन के दूसरी तरफ बड़ी आबादी रहती है। लोगों को रोजाना रेलवे ट्रैक पार करके आवागमन करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसी समस्या के समाधान के लिए फुटओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 10 हजार लोगों को रेलवे लाइन पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय की मांग के बाद निर्माण शुरू होने से उम्मीद जगी थी कि समस्या का स्थायी समाधान होगा, लेकिन अंतिम चरण में काम रुकने से परेशानी अभी भी बनी हुई है।
उतराव की जगह को लेकर दो पक्ष आमने-सामने
फुटओवरब्रिज का करीब 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन आबादी क्षेत्र की तरफ उतरने वाले हिस्से की जगह को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसी विवाद के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जिला प्रशासन ने करीब दो महीने पहले दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी थी। इसके बाद हाल में भी पक्षकारों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे हैं। अब प्रशासन के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ब्रिज का अंतिम हिस्सा किस स्थान पर बनाया जाएगा और वर्षों से चल रहा निर्माण कब पूरा होगा।
2017 में शुरू हुई थी प्रक्रिया, 2020 में मिला निर्माण को रास्ता
इस फुटओवरब्रिज की योजना अचानक सामने नहीं आई थी। जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में इसकी डीपीआर तैयार कराने के लिए रेलवे को 10 लाख रुपए दिए गए थे। इसके बाद वर्ष 2020 में निर्माण के लिए राशि जमा कराई गई और परियोजना पर काम शुरू हुआ। परियोजना की लागत करीब साढ़े चार करोड़ रुपए बताई जा रही है। निर्माण के दौरान ड्राइंग में बदलाव के चलते अतिरिक्त खर्च का मामला भी सामने आया था। बाद में रेलवे की ओर से अतिरिक्त खर्च वहन करने पर सहमति बनी, लेकिन अब उतराव की जगह को लेकर विवाद पूरी परियोजना के अंतिम चरण में बाधा बना हुआ है।
रेलवे को जमा हो चुके हैं करीब पौने चार करोड़ रुपए
फुटओवरब्रिज के निर्माण के लिए नगर परिषद की ओर से रेलवे को करीब पौने चार करोड़ रुपए जमा करवाए जा चुके हैं। इसके बावजूद प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब केवल अंतिम चरण का काम बाकी है, लेकिन यही हिस्सा सबसे बड़ी अड़चन बन गया है। करोड़ों रुपए खर्च होने और लंबे समय से निर्माण चलने के बावजूद लोगों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे में प्रशासन के सामने विवाद का जल्द समाधान कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाने की चुनौती है।
निकाय चुनाव में विकास के मुद्दे पर घिर सकता है प्रशासन
निकाय चुनाव नजदीक आने के साथ गांधीनगर का अधूरा फुटओवरब्रिज राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव से पहले उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल जाएगी, लेकिन निर्माण अटकने से अब नाराजगी बढ़ सकती है। यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो विपक्षी दल और चुनावी दावेदार इसे विकास कार्यों में देरी का मुद्दा बना सकते हैं। वहीं स्थानीय मतदाताओं का सीधा सवाल यही रहेगा कि जब परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं, तो आखिर फुटओवरब्रिज जनता के इस्तेमाल के लिए कब खोला जाएगा।