बीकानेर में जल्द दौड़ेंगी ई-बसें, पहली 4 बसें पहुंचीं; 75 बसों का आवंटन
बीकानेर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर में ई-बस सेवा शुरू करने के लिए पहली चार बसें पहुंच चुकी हैं और स्वतंत्रता दिवस के आसपास संचालन शुरू करने की तैयारी है। बीकानेर को पहले चरण में कुल 75 ई-बसें आवंटित की गई हैं। हालांकि, बसों के पहुंचने के बावजूद डिपो का काम, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती और रूट निर्धारण जैसे कई अहम काम अभी बाकी हैं। ऐसे में सेवा शुरू होने से पहले इन व्यवस्थाओं को पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बीकानेर पहुंची ई-बसों की पहली खेप
बीकानेर में ई-बस सेवा शुरू करने की दिशा में पहली खेप पहुंच गई है। चार ई-बसें शहर पहुंचने के बाद इनके संचालन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के सामने निर्माणाधीन डिपो को ई-बस संचालन का मुख्य केंद्र बनाया जा रहा है। संभावना है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेवा का शुभारंभ किया जा सकता है। नगरीय परिवहन योजना के तहत बीकानेर को प्रथम चरण में 75 ई-बसें मिली हैं। आने वाले दिनों में और बसों की खेप शहर पहुंचने की उम्मीद है।
25 सीटर बसों में महिलाओं के लिए पिंक सीट
बीकानेर पहुंची ई-बसें 25 यात्रियों के बैठने की क्षमता वाली हैं। इनमें महिलाओं के लिए चार पिंक सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। बसों में 11 यात्रियों के खड़े होकर सफर करने की भी व्यवस्था होगी। पूरी तरह वातानुकूलित इन बसों को शहर के सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्रियों के लिए बसों में कई सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे खासकर शहर में रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा के लिए CCTV और पैनिक बटन
ई-बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रत्येक बस में सात CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे बस के भीतर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी। हर सीट के पास पैनिक बटन की सुविधा दी गई है, जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में किया जा सकेगा। इसके अलावा इमरजेंसी विंडो और जरूरत पड़ने पर शीशा तोड़ने के लिए हैमर भी उपलब्ध रहेगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर लिफ्ट डोर की व्यवस्था की गई है। इन सुविधाओं के जरिए बसों को सुरक्षित और अधिक समावेशी बनाने का प्रयास किया गया है।
डिपो और चार्जिंग स्टेशन का काम अभी अधूरा
बसों के बीकानेर पहुंचने के बावजूद ई-बस संचालन से जुड़ा आधारभूत ढांचा पूरी तरह तैयार नहीं है। एमजीएसयू के सामने बन रहे डिपो में बसों के रखरखाव के लिए शेड का निर्माण अभी जारी है। चार्जिंग व्यवस्था भी पूरी क्षमता से तैयार नहीं हुई है। डिपो में कुल 15 चार्जर लगाए जाने हैं, लेकिन फिलहाल इनमें से केवल दो चार्जर तैयार बताए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रस्तावित ओवरहेड टंकी का काम भी पूरा होना बाकी है। ऐसे में नियमित संचालन शुरू करने से पहले इन कार्यों को पूरा करना जरूरी होगा।
ड्राइवर और कंडक्टर की भर्ती भी बाकी
ई-बस सेवा के संचालन के लिए जरूरी कर्मचारियों की व्यवस्था भी अभी प्रक्रिया में है। ड्राइवरों की भर्ती का काम जारी है, जबकि कंडक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में बसों के संचालन की संभावित तारीख नजदीक आने के साथ कर्मचारियों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो गई है। यदि समय पर भर्ती और प्रशिक्षण पूरा नहीं हुआ तो बस सेवा के नियमित संचालन में देरी हो सकती है। प्रशासन और संबंधित कंपनी के सामने अब बसों के साथ मानव संसाधन की व्यवस्था पूरी करने की भी चुनौती है।
किस रूट पर चलेंगी ई-बसें, अभी तय नहीं
ई-बस सेवा शुरू होने से पहले यात्रियों के सामने सबसे बड़ा सवाल इनके रूट और बस स्टॉप को लेकर है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 75 ई-बसों में से शुरुआती बसें शहर के किन मार्गों पर संचालित होंगी। यात्रियों के लिए बस स्टॉप और किराए की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है। ऐसे में बसें शहर पहुंचने के बाद अब लोगों की नजरें परिवहन विभाग और प्रशासन की अंतिम घोषणा पर टिकी हैं। रूट तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ई-बस सेवा शहर के किन इलाकों के यात्रियों को सबसे अधिक लाभ पहुंचाएगी।
आधुनिक परिवहन से बदल सकती है शहर की तस्वीर
ई-बस सेवा शुरू होने के बाद बीकानेर के सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वातानुकूलित बसों के साथ CCTV, पैनिक बटन और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं इसे पारंपरिक सार्वजनिक परिवहन से अलग बनाएंगी। हालांकि, सेवा की सफलता केवल बसों के पहुंचने पर निर्भर नहीं करेगी। समय पर डिपो, चार्जिंग स्टेशन, कर्मचारियों, रूट और बस स्टॉप की व्यवस्था पूरी करना भी उतना ही जरूरी है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी होती हैं तो ई-बस सेवा बीकानेर के लोगों के लिए सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन का नया विकल्प बन सकती है।