70 लाख के लालच में सेठ की हत्या, मुनीम ने दोस्त के साथ रची खौफनाक साजिश
इंट्रो: भीलवाड़ा के बागोर थाना क्षेत्र में 78 वर्षीय साहूकार शोभालाल जैन की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मुनीम रोशन गुर्जर को मध्य प्रदेश के सागर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को सेठ के पास रखे करीब 70 लाख रुपये और संपत्ति की जानकारी थी। लालच में उसने अपने दोस्त को साथ मिलाया और धार्मिक यात्रा से लौटते समय वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को सीमेंट के खंभे से बांधकर कुएं में फेंक दिया गया था।
मुनीम ने ही रची थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, शोभालाल जैन की हत्या की साजिश उनके ही मुनीम रोशन गुर्जर ने रची थी। रोशन को सेठ के आर्थिक लेनदेन और उनके पास मौजूद रकम की जानकारी थी। पुलिस का दावा है कि करीब 70 लाख रुपये हड़पने की नीयत से उसने अपने पुराने दोस्त नारायण लाल सरगरा को भी साजिश में शामिल किया। दोनों ने मौका देखकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। पुलिस ने नारायण को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी रोशन वारदात के बाद फरार हो गया था।
कार में ही बुजुर्ग साहूकार की हत्या
पुलिस के मुताबिक, 26 जुलाई को धार्मिक यात्रा से लौटते समय शोभालाल जैन कार में मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी नारायण ने उनके हाथ पकड़ लिए और रोशन ने कथित तौर पर उनका मुंह दबाकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह सुनिश्चित करने के लिए उनके मुंह पर टेप भी चिपकाया। 78 वर्षीय साहूकार की मौत के बाद दोनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके बाद शव को सीमेंट के खंभे से बांधा गया और सुनसान इलाके में स्थित एक कुएं में फेंक दिया गया।
शव को कुएं में फेंककर हुए फरार
वारदात के बाद आरोपियों ने हत्या के सबूत छिपाने के लिए शव को कुएं में डाल दिया और मौके से फरार हो गए। शोभालाल जैन के लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बागोर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हत्या की साजिश और शव को ठिकाने लगाने में आरोपियों की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
दोस्त को दिया था 10 लाख रुपये का लालच
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रोशन ने अपने पुराने दोस्त नारायण लाल सरगरा को वारदात में शामिल करने के लिए 10 लाख रुपये देने का लालच दिया था। नारायण मूल रूप से अड़र्सीपुरा गांव का रहने वाला बताया गया है और मध्य प्रदेश में पानीपुरी का कारोबार करता था। पुलिस के मुताबिक, रोशन और नारायण की पुरानी जान-पहचान थी। इसी संबंध का फायदा उठाकर रोशन ने उसे हत्या की योजना में शामिल किया। वारदात के बाद नारायण भी फरार हो गया और उदयपुर में छिपकर रह रहा था।
पहले गिरफ्तार हुआ था मुनीम का साथी
हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी के सहयोगी नारायण लाल सरगरा को 1 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को मुख्य आरोपी रोशन गुर्जर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया। लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस टीम ने रोशन को मध्य प्रदेश के सागर जिले से गिरफ्तार कर लिया। अब उससे वारदात और पैसों से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है।
70 लाख के साथ संपत्ति पर भी थी नजर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों की नजर केवल 70 लाख रुपये पर ही नहीं थी, बल्कि शोभालाल जैन की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर भी उनकी नजर थी। पुलिस के मुताबिक, मुनीम होने के कारण रोशन को सेठ के आर्थिक मामलों और संपत्ति से जुड़ी कई जानकारियां थीं। इसी जानकारी ने कथित तौर पर उसके लालच को बढ़ाया और उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि रकम और संपत्ति से जुड़े मामले में और कौन लोग शामिल थे।