देवराज सिंह की मौत के बाद करणी सेना का अल्टीमेटम, 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जयपुर में ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारी देवराज सिंह की मौत के बाद श्री राजपूत करणी सेना ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सात दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी दी है। साथ ही आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा के खिलाफ जनसंपर्क अभियान चलाने की भी बात कही है।
देवराज सिंह की मौत को लेकर सरकार पर साधा निशाना
श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के विरोध में निकाली गई ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जा रही थी। उनके अनुसार, यात्रा के जयपुर पहुंचने पर प्रशासन और संगठन के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर यात्रा को रोक दिया। मकराना ने आरोप लगाया कि इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि देवराज सिंह की मौत लाठीचार्ज से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई। मामले की जांच जारी है।
सात दिन का अल्टीमेटम, कई मांगें सरकार के सामने रखीं
मकराना ने राज्य सरकार को सात दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा। उन्होंने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई, विशेष रूप से संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा देवराज सिंह के परिजनों को सरकारी नौकरी, उचित आर्थिक सहायता और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
निकाय और पंचायत चुनावों में राजनीतिक असर की चेतावनी
आगामी निकाय और पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए मकराना ने कहा कि यदि सरकार ने सात दिन के भीतर मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो करणी सेना प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएगी। उन्होंने दावा किया कि संगठन के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से अपनी बात साझा करेंगे। मकराना का कहना है कि आंदोलन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि अगले चरण में मुख्यमंत्री आवास का घेराव, जयपुर बंद या राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन जैसे विकल्पों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
मामले पर बनी हुई है राजनीतिक और प्रशासनिक नजर
देवराज सिंह की मौत और उसके बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है। एक ओर करणी सेना सरकार से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मौत के कारणों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर होगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन आने वाले दिनों में इस मामले पर क्या कदम उठाते हैं।