‘Gen-Z को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता’, मोहन भागवत के युवा संवाद पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और Gen-Alpha के छात्रों से प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम पर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं से संवाद एक सकारात्मक पहल है, लेकिन केवल बातचीत से आगे बढ़कर उन्हें नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में भी पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल में युवा पीढ़ी की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया।
मोहन भागवत के युवा संवाद पर सामने आई प्रतिक्रिया
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और Gen-Alpha के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम को लेकर अभिजीत दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में प्रभावशाली भूमिका निभा रही है, इसलिए उससे सीधा संवाद समय की आवश्यकता बन गया है। दीपके के अनुसार, युवाओं की सोच, अपेक्षाओं और चुनौतियों को समझने के लिए वरिष्ठ नेतृत्व का उनसे बातचीत करना सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। उनका कहना था कि बदलते दौर में युवाओं की भागीदारी को गंभीरता से लेना सभी संगठनों और नेतृत्व के लिए आवश्यक हो गया है।
‘संवाद के साथ नेतृत्व में भी मिले युवाओं को स्थान’
अभिजीत दीपके ने कहा कि केवल संवाद कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार, यदि युवाओं की ऊर्जा और विचारों का सही उपयोग करना है तो उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग चाहता है कि उसकी आवाज केवल सुनी ही न जाए, बल्कि उसके सुझावों को नीति और संगठनात्मक स्तर पर भी महत्व मिले। उनका मानना है कि नई पीढ़ी की भागीदारी से संस्थाओं और संगठनों में नए विचार और नई कार्यशैली विकसित हो सकती है।
सोशल मीडिया के दौर में बदल चुकी है युवाओं की भूमिका
दीपके ने कहा कि आज का युवा पहले की तुलना में अधिक जागरूक और मुखर है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उसे अपनी बात रखने का प्रभावी माध्यम दिया है। उन्होंने कहा कि अब युवा केवल दर्शक की भूमिका में नहीं रहना चाहता, बल्कि नीति निर्माण और सामाजिक बदलाव का सक्रिय भागीदार बनना चाहता है। ऐसे में युवाओं की अपेक्षाओं को समझना और उन्हें सकारात्मक दिशा देना सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती भी है और अवसर भी।
6 अगस्त को मुंबई में होगा संवाद कार्यक्रम
मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई स्थित कार्यक्रम में Gen-Z और Gen-Alpha के छात्रों से संवाद करेंगे। इस दौरान लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब देश में युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी पर व्यापक चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि इस संवाद के माध्यम से नई पीढ़ी के विचारों और दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं