देवास में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की संदिग्ध मौत, परिवार सदमे में; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी
मध्यप्रदेश के देवास जिले में एक 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्रा घर से कुछ दूरी पर अचेत अवस्था में मिली, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी। शुरुआती जानकारी में जहरीला पदार्थ सेवन करने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने मामले को जांच के दायरे में रखते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है और अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद ही सामने आएगा।
सुबह परिवार के साथ थी, कुछ देर बाद मिली अचेत अवस्था में
देवास के बीएनपी थाना क्षेत्र में रहने वाली 19 वर्षीय तनीषा बघेल शुक्रवार सुबह सामान्य दिनचर्या के अनुसार अपने परिवार के साथ थी। परिजनों के अनुसार उसने सुबह अपने पिता के लिए चाय बनाई, जिसके बाद परिवार के सदस्य खेत पर काम करने चले गए। कुछ समय बाद आसपास के लोगों ने सूचना दी कि तनीषा घर से थोड़ी दूरी पर अचेत अवस्था में पड़ी है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उसे अस्पताल लेकर गए। हालांकि डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिवार को नहीं थी किसी परेशानी की जानकारी
मृतका के पिता ने बताया कि तनीषा कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी और पिछले कुछ दिनों से वह नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा रही थी। परिवार का कहना है कि यदि उसे किसी तरह की परेशानी थी तो उसने कभी इसका जिक्र नहीं किया। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिजन फिलहाल यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं, जिनके कारण उनकी बेटी की असमय मौत हो गई। परिवार और आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद बीएनपी थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका सामने आई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही की जाएगी। साथ ही छात्रा के पारिवारिक, सामाजिक और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच के दौरान घटनास्थल, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। यदि जरूरत पड़ी तो छात्रा के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी साझा न करें। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।