राजस्थान भर्ती परीक्षा घोटाला: 830 गिरफ्तार, 250 आरोपी अब भी फरार, दो मास्टरमाइंड पर 1-1 लाख का इनाम
राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई लगातार जारी है। एसओजी के अनुसार अब तक 830 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि जांच में अपराध प्रमाणित होने के बाद 250 अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि भर्ती घोटालों से जुड़े कई मामलों में अभी भी जांच जारी है और आगे नए खुलासे होने की संभावना है।
भर्ती घोटालों में अब तक 830 गिरफ्तार, 250 की तलाश
एसओजी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों में अब तक 830 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 250 ऐसे आरोपी हैं, जिनके खिलाफ जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन मामलों में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पेपर लीक, डमी अभ्यर्थी और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में 325 लोग ऐसे हैं, जिन पर पेपर लीक, डमी अभ्यर्थी बैठाने, फर्जी डिग्री, फर्जी दस्तावेज और अन्य तरीकों से सरकारी नौकरी हासिल करने या दिलाने के आरोप हैं। एसओजी के अनुसार इन मामलों में 15 सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। आरोप है कि ये कर्मचारी नौकरी में रहते हुए कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क के संपर्क में थे। इन आरोपों की जांच संबंधित मामलों में जारी है।
500 संदिग्धों की जांच, 50 इनामी आरोपी रडार पर
एसओजी ने बताया कि भर्ती घोटालों के संबंध में लगभग 500 संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा 50 वांछित आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे को लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
सुरेश ढाका और यूनिक भांभू पर 1-1 लाख का इनाम
एसओजी की वांछित सूची में सबसे अधिक 1-1 लाख रुपये का इनाम दो आरोपियों—सुरेश ढाका और यूनिक उर्फ पंकज भांभू—पर घोषित है। इनके अलावा अन्य कई फरार आरोपियों पर 5 हजार, 10 हजार, 20 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये तक के इनाम घोषित किए गए हैं। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई नए नाम सामने आए हैं और उनकी तलाश के लिए कार्रवाई लगातार जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।