राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुद्दों पर CJP का अल्टीमेटम, आशुतोष रांका बोले- 3 महीने में समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों की समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्र नेता शुभम रेवाड़ से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और चेतावनी दी कि यदि तीन महीने के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
3 महीने का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान यूनिवर्सिटी में मीडिया से बातचीत के दौरान CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि विश्वविद्यालय लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उनका आरोप था कि नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित है, सेमेस्टर प्रणाली समय पर लागू नहीं हो पा रही, शिक्षकों के पद खाली हैं और छात्रों को मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि आगामी तीन महीनों में इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी तथा कुलपति के इस्तीफे की मांग भी उठाएगी।
शुभम रेवाड़ की मांगों को बताया जायज
आशुतोष रांका ने CJP प्रवक्ता दीपक बालियान के साथ भूख हड़ताल पर बैठे छात्र शुभम रेवाड़ से मुलाकात की। शुभम छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग स्थापित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे हैं। रांका ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लंबे समय से चुनाव नहीं होना छात्रों के अधिकारों को प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना आवश्यक है।
विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर उठाए सवाल
CJP ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए। रांका ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन में देरी, शैक्षणिक कैलेंडर का समय पर पालन न होना और बुनियादी ढांचे की कमजोर स्थिति छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा का कार्यकाल सितंबर में समाप्त होना है और नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
ABVP पर भी साधा निशाना
आशुतोष रांका ने विश्वविद्यालय पहुंचने से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि परिसर में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करना चाहती है तथा किसी भी प्रकार के टकराव से बचना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों की बजाय विरोध का माहौल बनाया जा रहा है। रांका ने कहा कि CJP छात्रों की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग जारी रखेगी।
दिल्ली आंदोलन का भी किया जिक्र
रांका ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष उन वादों को पूरा करेंगे और छात्रों से जुड़े मामलों में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उनके अनुसार शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और ठोस नीतिगत फैसलों के जरिए होना चाहिए।