‘लड़कियों के कपड़े फाड़ने का दावा झूठा’, भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार; सुरक्षाबलों का मनोबल गिराने का लगाया आरोप
लोकसभा से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों के कथित व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे सुरक्षा बलों की छवि और मनोबल को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं।
‘सुरक्षाबलों पर लगाए गए आरोप निराधार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ विपक्षी नेताओं ने संसद और सार्वजनिक मंचों पर यह आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों ने छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने इन आरोपों को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि बिना प्रमाण इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे बयान सुरक्षा एजेंसियों के प्रति अविश्वास पैदा करने का प्रयास करते हैं।
‘देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं बल’
भाजपा सांसद ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं और देश की सुरक्षा के लिए लगातार कार्यरत रहते हैं। पात्रा ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश को उनकी सेवाओं पर गर्व है।
विपक्ष पर मनोबल गिराने का आरोप
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए सुरक्षाबलों पर आधारहीन आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की आलोचना की जा सकती है, लेकिन बिना सबूत सुरक्षा बलों की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे आरोप देश की सुरक्षा व्यवस्था में जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं।
विरोध प्रदर्शनों पर जारी है राजनीतिक बहस
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष जहां प्रदर्शनकारियों के साथ कथित सख्ती पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा का कहना है कि सुरक्षा बलों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे और तर्क सामने रख रहे हैं।