जयपुर में ई-रिक्शा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, QR कोड और जोन सिस्टम से चलेगा संचालन
राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस ने नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब शहर में चलने वाले सभी ई-रिक्शा निर्धारित जोन, QR कोड और कलर कोड के आधार पर संचालित होंगे। इसके लिए अगस्त महीने में ऑनलाइन पंजीयन अभियान चलाया जाएगा, जबकि 15 सितंबर से नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू होगी।
सात जोन में बंटेगा शहर, तय क्षेत्र में ही चल सकेंगे ई-रिक्शा
नई व्यवस्था के तहत पूरे जयपुर शहर को सात अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ई-रिक्शा का पंजीयन किसी एक निर्धारित जोन में होगा और वह उसी क्षेत्र में संचालित किया जा सकेगा। यदि किसी जोन में निर्धारित संख्या पूरी हो जाती है तो आवेदक की प्राथमिकता के अनुसार दूसरे जोन का आवंटन किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य शहर में ई-रिक्शा की अनियंत्रित आवाजाही को रोकना और ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है।
QR कोड और कलर कोड से होगी डिजिटल पहचान
हर पंजीकृत ई-रिक्शा पर संबंधित जोन के अनुसार अलग रंग की पट्टी और QR कोड लगाया जाएगा। QR कोड स्कैन करते ही वाहन और चालक से जुड़ी पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। इस डिजिटल सिस्टम में एक SOS (इमरजेंसी) सुविधा भी जोड़ी जाएगी, जिससे किसी आपात स्थिति में यात्री सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक मदद का संदेश भेज सकेंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था दोनों मजबूत होंगी।
1 से 31 अगस्त तक होगा ऑनलाइन पंजीयन
यातायात पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा संचालकों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में सभी संचालकों को अपने वाहनों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। आवेदन के दौरान संचालक अपनी पसंद के जोन का चयन कर सकेंगे। यदि चयनित जोन में निर्धारित क्षमता पूरी हो जाएगी तो उपलब्धता के आधार पर अन्य जोन आवंटित किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन नहीं कराने वालों को बाद में कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
15 सितंबर से बिना पंजीयन और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर से नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। इसके बाद बिना पंजीयन वाले ई-रिक्शा या निर्धारित जोन से बाहर संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। पुलिस का मानना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा और सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा।
मॉनिटरिंग सेंटर से होगी हर ई-रिक्शा पर नजर
नई व्यवस्था के तहत यातायात पुलिस एक विशेष मॉनिटरिंग सेल भी स्थापित कर रही है। डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय में बनाए जा रहे इस सेंटर से तकनीकी माध्यमों के जरिए शहर में संचालित सभी पंजीकृत ई-रिक्शा की निगरानी की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहन केवल निर्धारित जोन में ही संचालित हों। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक प्रबंधन अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनेगा।
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