अलवर में अरुण चतुर्वेदी का विपक्ष पर हमला, बोले—पेपर लीक पर संसद में बहस से सच्चाई सामने आती
अलवर। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी सोमवार को अलवर पहुंचे, जहां अंबेडकर नगर स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने संत रविदास जयंती के तहत ‘समरसता संकल्प अभियान’ को लेकर आयोजित भाजपा कार्यशाला में भाग लिया।
मीडिया से बातचीत में चतुर्वेदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि संसद में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा होती, तो देश के सामने यह स्पष्ट हो जाता कि किन-किन राज्यों में ऐसी घटनाएं हुईं और राजस्थान की पूर्व गहलोत सरकार की क्या भूमिका रही। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में बहस से बचने की कोशिश करता है।
चतुर्वेदी ने कहा कि गहलोत सरकार के दौरान 17 पेपर लीक हुए और राजस्थान पेपर लीक का “सेंटर” बन गया था। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद एसआईटी का गठन किया गया और अब तक 300 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही 1.78 लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरियां दी गईं।
NEET पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द की, सीबीआई जांच कराई और दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कराई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रहित में लिया गया फैसला है।
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और नेताओं की बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा के सभी नेता संवेदनशील हैं और पार्टी की मंशा हमेशा सार्थक बहस की रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने आंदोलनों को हिंसक बनाने की कोशिश की, लेकिन केंद्र सरकार हर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पेपर लीक और चंदा चोरी जैसे मामलों में एसआईटी का गठन कर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
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