गुड़ खिलाने के दौरान हाथी ने ली जान, अब लाइसेंस की जांच में जुटी पुलिस; महावत गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के इंदौर में पालतू हाथी के हमले में एक रिक्शा चालक की मौत के बाद मामला अब कानूनी जांच के नए चरण में पहुंच गया है। पुलिस ने महावत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वन विभाग से यह जानकारी मांगी गई है कि हाथी को रखने के लिए आवश्यक लाइसेंस और अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित लोगों पर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
गुड़ खिलाते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब उज्जैन से आए कुछ साधु एक सामाजिक कार्यक्रम के बाद हाथी को लेकर इंदौर के राजनगर क्षेत्र में घूम रहे थे। इसी दौरान रिक्शा चालक विजय होलकर हाथी को गुड़ खिलाने के लिए उसके पास पहुंचे। अचानक हाथी ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से कुचल दिया। मौके पर मौजूद लोगों और महावत ने किसी तरह उन्हें हाथी से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रीढ़ की हड्डी और सीने में गंभीर चोटें उनकी मौत का कारण बनीं।
लाइसेंस और अनुमति की होगी विस्तृत जांच
हादसे के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी वन विभाग को भेजी है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि हाथी को रखने और सार्वजनिक स्थान पर ले जाने के लिए आवश्यक वैध अनुमति और लाइसेंस मौजूद थे या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि हाथी अनुसूची-1 (शेड्यूल-1) का संरक्षित वन्यजीव है, इसलिए उसके संबंध में अंतिम निर्णय वन विभाग ही करेगा। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महावत गिरफ्तार, हाथी फिलहाल निगरानी में
पुलिस ने लापरवाही और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर महावत को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि हाथी की देखभाल और नियंत्रण पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं होने के कारण उसे फिलहाल महावत की निगरानी में रखा गया है और दूसरे महावत की सहायता से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। वन विभाग यह भी तय करेगा कि हाथी को उसके मौजूदा स्थान पर रखा जाए या किसी अधिकृत संरक्षण केंद्र अथवा वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए।
मुआवजा और जिम्मेदारी पर भी होगी कानूनी प्रक्रिया
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगल में जंगली हाथी के हमले से होने वाली मौत के मामलों में सरकारी मुआवजे का प्रावधान अलग होता है। लेकिन इंदौर की यह घटना शहर में एक पालतू हाथी से जुड़ी है। ऐसे मामलों में प्राथमिक जिम्मेदारी हाथी के मालिक या अधिकृत संरक्षक की मानी जाती है। इसलिए जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
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