अभिजीत दीपके की मां का छलका दर्द, बोलीं- ‘मुझे अपना कम, देश का ज्यादा समझो’
NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन से चर्चा में आए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने बेटे के संघर्ष को लेकर भावुक बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान अभिजीत ने परिवार से दूरी बनाकर छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता दी। मां ने कहा कि बेटे ने देश और युवाओं के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया है।
‘मम्मी, अब मुझे अपना कम देश का ज्यादा समझो’
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रह रहीं अनीता दीपके ने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद अभिजीत का पूरा ध्यान छात्रों की मांगों और आंदोलन की रणनीति पर केंद्रित हो गया था। उन्होंने कहा कि बेटा अक्सर उन्हें समझाता था कि वह उसकी चिंता न करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें। अनीता के मुताबिक, अभिजीत का मानना था कि जब हजारों छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो उनकी आवाज उठाना उसकी जिम्मेदारी है।
घर आया लेकिन ज्यादा दिन रुक नहीं पाया बेटा
अनीता दीपके ने बताया कि 6 जून को जब अभिजीत घर आया था तो उन्होंने उससे कुछ दिन और रुकने के लिए कहा था। लेकिन अभिजीत ने साफ कहा कि अब उसका समय देश और छात्रों के लिए है। मां के अनुसार, बेटे ने कहा था कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद हैं और उनकी मदद करना उसकी पहली प्राथमिकता है। इस बात ने उन्हें भावुक भी किया और बेटे के संकल्प पर गर्व भी महसूस हुआ।
लगातार संघर्ष से परिवार को सताती रही चिंता
अभिजीत दीपके की मां ने बताया कि आंदोलन के दौरान परिवार हमेशा उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था। उन्होंने कहा कि जब अभिजीत पर हमला हुआ और उसे थप्पड़ मारे जाने की खबर मिली तो वह काफी परेशान हो गई थीं। कई दिनों तक वह ठीक से सो नहीं पाईं और बेटे की चिंता बनी रही। हालांकि, उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में युवाओं की आवाज उठाने का साहस दिखाने पर उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
मां बोलीं- अब उसके पास परिवार के लिए समय नहीं
अनीता दीपके का कहना है कि आंदोलन के बाद अभिजीत पहले की तरह परिवार से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाता। लगातार व्यस्तता और भागदौड़ के कारण उसका स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटा अब भी छात्रों और देश से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय है। मां के मुताबिक, एक तरफ उन्हें बेटे की चिंता रहती है, वहीं दूसरी ओर उसके संघर्ष और उद्देश्य को देखकर गर्व भी होता है।
CJP आंदोलन के बाद सुर्खियों में आए अभिजीत दीपके
बता दें कि NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन किया था। इस दौरान अभिजीत दीपके आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। आंदोलन के दौरान छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत हुई और इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CJP नेताओं ने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया था।