धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वायरल हुआ राजनाथ सिंह का पुराना बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान में उन्होंने कहा था कि “एनडीए सरकार में मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते।” प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसी बयान का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
पुराना बयान फिर आया चर्चा में
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनाथ सिंह की एक पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। उस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि, “मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं, यह यूपीए सरकार नहीं, एनडीए सरकार है। हमारे मंत्री वे काम भी नहीं करते जो उनके मंत्री करते थे।” प्रधान के इस्तीफे के बाद यही बयान फिर से चर्चा का विषय बन गया है और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है।
अभिजीत दिपके ने भी किया बयान का जिक्र
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अपने संबोधन में राजनाथ सिंह के पुराने बयान का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि लगातार चले आंदोलन के बाद सरकार को अपना रुख बदलना पड़ा। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जनदबाव के कारण सरकार को फैसला लेना पड़ा और इसी संदर्भ में उन्होंने राजनाथ सिंह के पुराने बयान का हवाला दिया।
सोशल मीडिया पर आईं तीखी प्रतिक्रियाएं
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्स (पूर्व ट्विटर) सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई यूजर्स ने राजनाथ सिंह के पुराने बयान को साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि जब पहले कहा गया था कि एनडीए सरकार में मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो अब इस्तीफा कैसे हुआ। वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने इस घटनाक्रम को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए अपनी राय व्यक्त की। ये प्रतिक्रियाएं संबंधित यूजर्स के व्यक्तिगत विचार हैं।
NEET विवाद के बीच दिया इस्तीफा
नीट परीक्षा विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेजने की घोषणा की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम से वे बेहद आहत हैं और उन्होंने शुरुआत से ही अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि जवाबदेही का विषय है।