CJP का सरकार पर तीखा हमला, सौरव दास बोले- ‘मांगें मानो, बातचीत को न बनाओ औपचारिकता’
NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अपनी मांगों को तत्काल मानने की अपील की है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब फैसले का समय आ गया है। इस बीच भारतीय किसान यूनियन ने भी छात्र आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है, जबकि राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराई है।
सौरव दास ने सरकार पर साधा निशाना
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों को टालने के बजाय उन पर गंभीरता से निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को यह तय करना होगा कि वह आंदोलन का समाधान बातचीत से चाहती है या टकराव का रास्ता अपनाना चाहती है। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
भारतीय किसान यूनियन ने दिया आंदोलन को समर्थन
छात्र आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन का ऐलान किया। संगठन ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसान संगठन के समर्थन को आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी ने फिर दोहराई धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करना है और केवल सुझावों की बात करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुरू किया काम
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कामकाज शुरू कर दिया है। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा ने अदालत का कार्यभार संभाल लिया है। इस अदालत का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा करना और दोषियों के खिलाफ त्वरित न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की वार्ता पर नजर
केंद्र सरकार और CJP के बीच बातचीत का तीसरा दौर प्रस्तावित है। इससे पहले CJP ने स्पष्ट किया है कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित प्रमुख मांगों पर ठोस प्रगति नहीं होती, तो आगे की बातचीत का कोई औचित्य नहीं रहेगा। पार्टी ने सरकार से अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन देने की भी मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।