अस्पताल से लौटकर फिर जंतर-मंतर पहुंचे अभिजीत दीपके, बोले- कमजोरी है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा
NEET परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई। रातभर अस्पताल में उपचार लेने के बाद वह शुक्रवार सुबह फिर प्रदर्शन स्थल पहुंचे और कहा कि स्वास्थ्य ठीक नहीं है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
रातभर अस्पताल में चला इलाज
अभिजीत दीपके की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब बताई जा रही थी। उन्हें उल्टी-दस्त, तेज बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत थी। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया, जहां रातभर आईवी फ्लूइड्स और आवश्यक दवाएं दी गईं। देर रात उन्होंने सोशल मीडिया पर हाथ में कैनुला लगी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “चार्ज हो रहा हूं।” इसके बाद उनके समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
‘शरीर कमजोर है, लेकिन हौसला नहीं’
शुक्रवार सुबह जंतर-मंतर लौटने के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि पूरी रात इलाज और मेडिकल जांच के बाद वह फिर आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि बुखार के कारण अभी भी कमजोरी महसूस हो रही है, लेकिन आंदोलन को बीच में छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद नई चुनौती
हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया था। वांगचुक के आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा जुटे थे। अब उनके अनशन समाप्त होने के बाद CJP और अभिजीत दीपके के सामने आंदोलन की गति और जनसमर्थन बनाए रखने की चुनौती मानी जा रही है।
सोशल मीडिया से बढ़ा आंदोलन का दायरा
CJP ने शुरुआत में सीमित समर्थकों के साथ आंदोलन शुरू किया था, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए यह अभियान तेजी से चर्चा में आया। बड़ी संख्या में युवाओं के जुड़ने से आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। अब सभी की नजर इस बात पर है कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद अभिजीत दीपके आगे आंदोलन की रणनीति किस तरह आगे बढ़ाते हैं।