PM मोदी के वीडियो पर दीया मिर्जा का सवाल, बोलीं- ‘इतना मुश्किल था क्या, सर?’
बॉलीवुड अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा विवाद पर जारी वीडियो संदेश को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया आने में 47 दिन लग गए और प्रभावित छात्रों व उनके परिवारों के प्रति पर्याप्त संवेदना नहीं दिखाई गई। दीया की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष में बहस तेज हो गई है।
47 दिन बाद आए संदेश पर उठाया सवाल
दीया मिर्जा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परीक्षा विवाद पर सार्वजनिक रूप से बोलने में 47 दिन लग गए। उन्होंने कहा कि वीडियो संदेश में उन छात्रों और परिवारों का जिक्र नहीं था, जिन्होंने इस पूरे विवाद के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया। दीया के मुताबिक, प्रशासनिक कदमों की जानकारी देने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के दर्द और भावनाओं को स्वीकार करना भी उतना ही जरूरी था। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल किया, “इतना मुश्किल था क्या, सर?”
‘संवेदना के शब्द भी जरूरी थे’
दीया मिर्जा ने अपनी पोस्ट में कहा कि लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह दौर बेहद कठिन रहा है। उनका मानना है कि ऐसे समय में देश के नेतृत्व से केवल कार्रवाई का आश्वासन ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सहानुभूति की भी अपेक्षा होती है। उन्होंने लिखा कि प्रभावित लोगों के प्रति एक मानवीय संदेश भी लोगों को भरोसा देने में अहम भूमिका निभा सकता था।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
दीया मिर्जा की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने उनके सवाल का समर्थन करते हुए कहा कि कठिन समय में संवेदना और जवाबदेही भी नेतृत्व का अहम हिस्सा होती है। वहीं, कुछ लोगों ने सरकार के कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि कार्रवाई और सुधार सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस बीच कई यूजर्स ने दीया की स्पष्ट राय की सराहना की, जबकि अन्य ने उनके बयान पर असहमति भी जताई। कुल मिलाकर यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।