CJP प्रदर्शन पर ध्रुव राठी का सरकार और पुलिस पर हमला, लगाए कई गंभीर आरोप
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने NEET परीक्षा से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर बल प्रयोग और अन्य गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से सभी दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
वीडियो जारी कर सरकार पर साधा निशाना
ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि तानाशाही व्यवस्था सबसे ज्यादा उन लोगों से डरती है, जो डरना छोड़ देते हैं। उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा आंदोलन आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक घटना के रूप में याद किया जा सकता है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद हालात बिगड़ गए।
पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए कई आरोप
अपने वीडियो में ध्रुव राठी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कुछ वीडियो में पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर पथराव करते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बैरिकेड्स में बिजली का करंट छोड़ा गया और कुछ पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नेमप्लेट हटा दी थी। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
ब्रिटिश शासन से की तुलना
ध्रुव राठी ने पुलिस की भूमिका की तुलना ब्रिटिश शासन के दौर से करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाए।
NEET विवाद और आंदोलन बना राष्ट्रीय मुद्दा
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर विभिन्न छात्र संगठन और अन्य समूह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है। हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
ध्रुव राठी के वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ यूजर्स ने उनके आरोपों का समर्थन किया, जबकि अन्य ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और सभी पक्षों की जानकारी सामने आना जरूरी है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया के साथ-साथ राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श का भी हिस्सा बना हुआ है।