दिल्ली कूच के बीच किसानों को राहत, सरकार ने दो मांगों पर जताई सहमति; गुरनाम सिंह की रिहाई का आश्वासन
भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसान संगठनों के बीच सरकार और किसानों के बीच बातचीत की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। हरियाणा सरकार ने किसान नेता गुरनाम सिंह की जल्द रिहाई और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से एक सप्ताह के भीतर बैठक कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई सीमावर्ती इलाकों में पुलिस अलर्ट पर है।
सरकार ने किसानों की दो प्रमुख मांगों पर दिया आश्वासन
दिल्ली कूच के दौरान किसान संगठनों की ओर से उठाई गई दो अहम मांगों पर हरियाणा सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हिरासत में लिए गए भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह को जल्द रिहा किया जाएगा। इसके अलावा, अगले एक सप्ताह के भीतर किसानों के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बैठक कराने का भी आश्वासन दिया गया है। इसे आंदोलन के बीच बातचीत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका FTA के विरोध में जारी है किसान आंदोलन
पंजाब और हरियाणा के किसान संगठन भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि इस समझौते का असर कृषि क्षेत्र और किसानों की आय पर पड़ सकता है। इसी मांग को लेकर शंभू, खनौरी और कुंडली सहित कई सीमावर्ती क्षेत्रों में किसान जुट रहे हैं। आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
केंद्र का दावा- किसानों के हितों से नहीं होगा समझौता
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत-अमेरिका FTA से जुड़े किसी भी निर्णय में किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता होंगे। उनके अनुसार, सरकार ऐसा कोई समझौता नहीं करेगी जिससे किसानों को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारिक समझौते का उद्देश्य देश और कृषि क्षेत्र दोनों के हितों की रक्षा करना है। यह केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष है।
कई जिलों में सुरक्षा बढ़ी, धारा 163 लागू
दिल्ली कूच के आह्वान को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लगने वाले कई सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। शंभू बॉर्डर सहित संवेदनशील इलाकों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की सघन जांच और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
किसानों के आंदोलन के बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को रोका जा रहा है और यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच कई सीमाओं पर यातायात भी प्रभावित हुआ है और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।